अफवाहों पर चुनाव आयोग की सफाई
हाल ही में निर्वाचन आयोग के कामकाज और विशेष रूप से डीजी (आईटी) सीमा खन्ना के रिपोर्टिंग ढांचे को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) ने इन तमाम चर्चाओं पर पूर्णविराम लगाते हुए आधिकारिक बयान जारी किया है। आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कार्य आवंटन से संबंधित सभी फैसले पूरे आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं, न कि किसी एक व्यक्ति के मनमाने निर्णयों से।
रिपोर्टिंग ढांचे में बदलाव की खबरों का खंडन
आयोग के सूत्रों के अनुसार, मीडिया में जो दावे किए जा रहे थे कि सीमा खन्ना की भूमिका या उनके अधिकारों में कोई बदलाव किया गया है, वे पूरी तरह से निराधार हैं। अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डीजी (आईटी) के पदानुक्रम में रत्ती भर भी कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। पहले की तरह ही वह सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर (DEC) स्तर के अधिकारी को ही रिपोर्ट करना जारी रखेंगी। इस व्यवस्था में किसी भी नए आदेश के बाद कोई फेरबदल नहीं किया गया है।
पुराने नियमों पर आधारित है कामकाज
आयोग ने यह भी साफ किया है कि वर्तमान में जो निर्देश काम कर रहे हैं, वे मूलतः 23 सितंबर 2025 के ऑफिस ऑर्डर का ही एक छोटा सा संशोधन हैं। विवादित वर्क ऑर्डर को लेकर दी गई सफाई में आयोग ने बताया कि जुलाई 2026 में प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी द्वारा जो आदेश जारी किया गया था, वह कभी भी प्रभावी रूप से लागू नहीं हुआ था। उस विशेष ऑर्डर पर चुनाव आयुक्तों ने स्वयं आपत्ति जताई थी, जिसके बाद उसे हटा दिया गया।
न्यायालय में भी रखी गई बात
सुप्रीम कोर्ट में जमा किए गए अपने हलफनामे के माध्यम से भी निर्वाचन आयोग ने यह बात दोहराई है कि संस्था का आंतरिक कार्य पूरी तरह से सुचारू है। आयोग का कहना है कि संस्था का कामकाज पहले से निर्धारित और स्थापित नियमों के अनुसार ही चल रहा है। किसी भी प्रकार के आंतरिक पदानुक्रम में अनधिकृत बदलाव नहीं किए गए हैं और सभी अधिकारी अपने पूर्व निर्धारित दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
https://hindi.news18.com/news/nation/eci-clarifies-work-order-controversy-no-hierarchy-change-for-dg-it-seema-khanna-decision-was-unanimous-10966641.html