महिला सम्मान निधि और मुफ्त बिजली का वादा
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राज्य की महिलाओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणा की है। चंबा ज़िले के भटियात विधानसभा क्षेत्र के चुवाड़ी में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम सुक्खू ने मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना के आगामी महीने से शुरू होने की जानकारी दी। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत प्रदेश के गरीब परिवारों की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, लाभार्थियों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य बीमा कार्ड के माध्यम से निशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ भी दिया जाएगा। अकेले भटियात विधानसभा क्षेत्र में ही इस योजना से लगभग 10 हजार पात्र परिवारों की 20 हजार महिलाएं लाभान्वित होंगी।
चंबा क्षेत्र के लिए विकास की नई सौगातें
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों की मांग को प्राथमिकता देते हुए कई विकासात्मक घोषणाएं कीं। उन्होंने चुवाड़ी में सिविल कोर्ट खोलने और क्षेत्र में सीबीएसई सम्बद्ध स्कूल की स्थापना का ऐलान किया। इसके अलावा, भटियात क्षेत्र की विभिन्न सड़क परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से 10 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की स्वीकृति भी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और प्रदेश के इतिहास में पहली बार सरकार ने ग्रामीण समृद्धि के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण अपनाया है।
कृषि और बागवानी के लिए लाभकारी मूल्य
राज्य सरकार की ग्रामीण नीतियों के बारे में चर्चा करते हुए सीएम सुक्खू ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। सरकार द्वारा तय की गई नई दरों के अनुसार, कच्ची हल्दी के लिए 150 रुपये प्रति किलोग्राम, गेहूं के लिए 80 रुपये प्रति किलोग्राम और मक्की के लिए 50 रुपये प्रति किलोग्राम का दाम दिया जा रहा है। इसी प्रकार, दुग्ध उत्पादकों के हितों की रक्षा करते हुए गाय के दूध के लिए 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध के लिए 71 रुपये प्रति लीटर का समर्थन मूल्य तय किया गया है, जो पुरानी दरों के मुकाबले लगभग दोगुना है।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं आम लोगों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। चंबा मेडिकल कॉलेज के संचालन में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए 190 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। साथ ही, मेडिकल कॉलेज में 32 स्नातकोत्तर सीटें भी बढ़ा दी गई हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 2 से 3 सीबीएसई सम्बद्ध स्कूल खोले गए हैं और पूरी तरह योग्यता के आधार पर 2,700 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि 100 से अधिक स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है, जिसके लिए स्टाफ की नियुक्ति के विज्ञापन जारी किए जा चुके हैं। इन प्रयासों का परिणाम यह रहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के सूचकांक में हिमाचल प्रदेश, जो वर्ष 2021 में 21वें स्थान पर था, वर्ष 2025 में 5वें स्थान पर पहुंच गया है।
भाजपा पर राजनीतिक निशाना
अपने संबोधन में सीएम सुक्खू ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया और सुशासन प्रदान करने में पूरी तरह विफल रही। मुख्यमंत्री ने वित्तीय चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिया है। इसके अलावा, राज्य में आई प्राकृतिक आपदा के समय प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी अभी तक हिमाचल सरकार को प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इन तमाम आर्थिक अड़चनों के बावजूद, उनकी सरकार भ्रष्टाचार को मिटाकर और संसाधनों का सृजन कर प्रदेश को आत्मनिर्भरता की राह पर ले जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछली सरकार ने बिना पर्याप्त स्टाफ के संस्थान खोल दिए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों का युक्तिकरण किया है और रिक्त पदों को भरा है।
विधानसभा अध्यक्ष का संबोधन
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि वर्तमान सरकार ने चंबा के सभी क्षेत्रों का समान विकास सुनिश्चित किया है। उन्होंने भटियात विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क संपर्क में हुए सुधारों की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना और मुख्यमंत्री ग्रीन पंचायत योजना को समाज के कमजोर वर्गों के लिए ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने प्राकृतिक आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण हेतु दी जाने वाली सहायता राशि को 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 8.50 लाख रुपये किए जाने के निर्णय का भी स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष और रामपुर के विधायक नंद लाल के निधन तथा युवा कांग्रेस नेता चंद्रमणि कुलेठी के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
https://hindi.news18.com/news/himachal-pradesh/chamba-free-300-units-and-women-to-get-1500-rupees-from-next-month-cm-sukhu-announcement-ws-l-10962124.html