भारतीय बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने तोड़ा 123 साल पुराना विश्व रिकॉर्ड, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में रचा इतिहास

मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने अपने फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआती पांच पारियों में रनों का अंबार लगाकर ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज विलियम पोंसफोर्ड का 123 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है।

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक नया कीर्तिमान

क्रिकेट की दुनिया में कई ऐसे रिकॉर्ड होते हैं जिन्हें तोड़ने में दशकों का समय बीत जाता है, लेकिन भारतीय घरेलू क्रिकेट में 29 वर्षीय बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसे युगों तक याद रखा जाएगा। मिजोरम की टीम से खेल रहे सुतार ने अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर की शुरुआती पांच पारियों में बल्लेबाजी का ऐसा प्रदर्शन किया कि 123 साल पुराना विश्व रिकॉर्ड पूरी तरह से ढह गया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज विलियम पोंसफोर्ड को पीछे छोड़ते हुए अपना नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करा लिया है।

पाँच पारियों में रनों का महायोग

रणजी ट्रॉफी 2026-27 के प्लेट ग्रुप में खेलते हुए चिन्मय सुतार का बल्ला लगातार आग उगल रहा है। अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले जा रहे मौजूदा मुकाबले में उन्होंने एक बार फिर अपनी जबरदस्त फॉर्म का प्रदर्शन करते हुए नाबाद 135 रन की पारी खेली। इस पारी के साथ ही उनके करियर की शुरुआती पांच फर्स्ट क्लास पारियों का कुल योग 794 रन तक पहुंच गया है। इस उपलब्धि से पहले, यह वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के विलियम पोंसफोर्ड के नाम दर्ज था, जिन्होंने अपने शुरुआती पांच मैचों की पारियों में कुल 724 रन बनाए थे।

ऐतिहासिक प्रदर्शन की कहानी

चिन्मय सुतार ने अपने फर्स्ट क्लास करियर का आगाज मणिपुर के खिलाफ किया था। अपनी पहली पारी में उन्होंने 35 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में वह शतक के बेहद नजदीक पहुंचकर 99 रन पर रन आउट हो गए। हालांकि, इसके बाद उन्होंने जो किया वह किसी चमत्कार से कम नहीं था। नागालैंड के खिलाफ एक मुकाबले में उन्होंने अविश्वसनीय बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 400 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 517 गेंदों का सामना किया और अपनी पारी में 46 चौके व 7 छक्के जड़े। उनकी इस बेहतरीन पारी के दम पर मिजोरम ने 9 विकेट खोकर 581 रन पर अपनी पारी घोषित की। इसी पारी के साथ उन्होंने पृथ्वी शॉ के 379 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए रणजी ट्रॉफी के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने का गौरव हासिल किया।

दिग्गज बल्लेबाजों की सूची में शुमार

नागालैंड के खिलाफ हुई इस पारी के दौरान उन्हें लालरेमपुइया का साथ मिला, जिन्होंने आखिरी विकेट के लिए उनके साथ साझेदारी निभाई और 76 गेंदों में नाबाद 14 रन बनाए। चिन्मय सुतार रणजी ट्रॉफी के इतिहास में 400 रन बनाने वाले केवल दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह अद्भुत कारनामा 1948-49 के सीजन में भाऊसाहेब निंबालकर ने किया था, जिन्होंने नाबाद 443 रन बनाए थे।

अपनी इस निरंतरता को जारी रखते हुए उन्होंने मेघालय के खिलाफ 125 रन बनाए और अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ नाबाद 135 रन बनाकर कीर्तिमान स्थापित कर दिया। इस प्रकार उनकी पहली पांच पारियों का कुल स्कोर 35, 99, 400 (नाबाद), 125 और 135 (नाबाद) रहा है। मूल रूप से मुंबई में जन्मे चिन्मय सुतार इससे पहले मुंबई की टीम का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं।

https://www.indiatv.in/sports/cricket/indian-cricketer-chinmay-sutar-broken-a-123-year-old-world-record-of-bill-ponsford-724-runs-2026-11-03-1252609