उत्तर प्रदेश: दिवाली से पहले 3.5 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, सैलरी में हुई बड़ी बढ़ोतरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने दिवाली के त्योहार से ठीक पहले राज्य के करीब 3.5 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने नई वेतन दरों का ऐलान कर दिया है, जिससे कर्मचारियों के खाते में अब ज्यादा सैलरी आएगी।

दिवाली से पहले बड़ी खुशखबरी

उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए दीपावली का त्योहार इस बार खुशियां लेकर आया है। प्रदेश सरकार ने राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे लगभग 3.5 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से न केवल कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी त्योहार का समय खुशहाल हो जाएगा। शासन की ओर से जारी आदेश के बाद से ही कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है।

नई वेतन दरें और शासनादेश

इस वेतन वृद्धि के संबंध में प्रमुख सचिव मनीष चौहान की ओर से आधिकारिक शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी किए गए आदेश के अनुसार, नई निर्धारित वेतन दरें 2 सितंबर 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। सरकार ने इस आदेश में वेतन के साथ-साथ EPF और ESI की कटौती को भी पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है, ताकि कर्मचारियों को इन-हैंड मिलने वाली राशि को लेकर कोई भ्रम न रहे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को पारदर्शी वेतन ढांचा प्रदान करना है।

वेतन की चार श्रेणियां

शासन ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के कौशल और कार्य के आधार पर उन्हें चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित करते हुए मासिक पारिश्रमिक तय किया है। नई वेतन व्यवस्था का विवरण इस प्रकार है:

  • कैटेगरी-4: इन कर्मचारियों के लिए कुल वेतन 17,646 रुपये निर्धारित किया गया है। EPF और ESI की अनिवार्य कटौती के उपरांत कर्मचारियों के बैंक खाते में 15,396 रुपये इन-हैंड आएंगे।
  • कैटेगरी-3: इस श्रेणी के लिए कुल वेतन 19,446 रुपये तय हुआ है। सभी कटौतियों के बाद कर्मचारियों को मासिक रूप से 16,966 रुपये मिलेंगे।
  • कैटेगरी-2: नई दरों के अनुसार, इस श्रेणी का कुल वेतन 21,947 रुपये रखा गया है। कटौती के बाद कर्मचारियों को 19,148 रुपये इन-हैंड प्राप्त होंगे।
  • कैटेगरी-1: इस उच्च श्रेणी के कर्मचारियों के लिए 39,000 रुपये प्रतिमाह का पारिश्रमिक तय किया गया है। इनके लिए EPF की कटौती संबंधित विभाग के नियमों के अनुसार की जाएगी।

अतिरिक्त बोझ से राहत

इस फैसले की सबसे खास बात यह है कि कर्मचारियों को किसी भी प्रकार के अतिरिक्त वित्तीय बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा। शासन ने स्पष्ट किया है कि वेतन के अलावा EPF और ESI का भुगतान विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। इतना ही नहीं, GST, सर्विस चार्ज और सेंटेज चार्ज का पूरा आर्थिक भार भी शासन या संबंधित प्रशासनिक विभाग द्वारा ही वहन किया जाएगा। इससे आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को मिलने वाली इन-हैंड राशि सुरक्षित रहेगी और उन पर कोई अनावश्यक कटौती का असर नहीं पड़ेगा।

बजट आवंटन और प्रशासनिक निर्देश

राज्य के जिन विभागों में पहले से ही कम वेतन पर आउटसोर्सिंग कर्मचारी नियुक्त थे, वहां नई दरों को लागू करने के लिए सरकार ने अतिरिक्त बजट की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। शासन ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि नई वेतन दरें अविलंब लागू हों और किसी भी कर्मचारी को भुगतान में देरी का सामना न करना पड़े। पिछले काफी समय से आउटसोर्सिंग कर्मचारी अपने पारिश्रमिक और कटौतियों को लेकर सरकार से स्पष्टता की मांग कर रहे थे, जिसे दिवाली से ठीक पहले पूरा कर दिया गया है।

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