PoK में फिर भड़की हिंसा, पुलिस पर टूटे प्रदर्शनकारी, 5 जवानों समेत 8 की मौत, पूरे इलाके में इंटरनेट ठप

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में प्रदर्शनकारी के अंतिम संस्कार के दौरान भड़की झड़प में 5 पुलिसकर्मियों समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई। 9 जून के बड़े मार्च से पहले इलाके में सेना तैनात है और इंटरनेट पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में बिगड़ते हालात अब वहां की सरकार के गले की हड्डी बन गए हैं। न तो पुलिस प्रदर्शनकारियों पर काबू पा रही है और न ही कोई उन्हें समझाने में कामयाब हो पा रहा है। 9 जून को होने वाले बड़े प्रदर्शन को देखते हुए इलाके के चप्पे-चप्पे पर सेना तैनात कर दी गई है और इंटरनेट सेवाएं ब्लॉक कर दी गई हैं। इसके बावजूद जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने लोगों से इस मार्च में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।

अंतिम संस्कार के दौरान भड़की झड़प

इस वक्त पीओके की अवाम भारी आक्रोश में है। यूं तो इस इलाके में प्रदर्शन कोई नई बात नहीं है, लेकिन जिस तरह की हिंसा सामने आ रही है, उससे आशंका है कि चुनाव से पहले यह और उग्र रूप ले सकती है। रविवार देर रात उस वक्त माहौल फिर बिगड़ गया, जब प्रदर्शन में मारे गए एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के दौरान पाकिस्तानी सेना और स्थानीय लोगों के बीच टकराव हो गया।

आरोप है कि सेना के जवानों ने अंतिम संस्कार में शामिल लोगों पर कार्रवाई की, जिसके बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारी शाहजैब के अंतिम संस्कार के दौरान हुई इन झड़पों के बाद सेना ने पूरे इलाके को घेर लिया और सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी।

5 पुलिसकर्मियों समेत 8 की मौत

इस हिंसा में अब तक कुल 8 लोगों के मारे जाने की खबरें आ रही हैं, जिनमें 5 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। रावलकोट में प्रदर्शनकारी के अंतिम संस्कार के दौरान भड़की हिंसा में इन सभी की मौत हुई है। इसके बाद पूरे इलाके में इंटरनेट पूरी तरह बंद कर दिया गया है, क्योंकि जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन छेड़ दिया है और लंबा मार्च निकालने का ऐलान कर दिया है।

9 जून को महाआंदोलन की तैयारी

पाकिस्तान सरकार ने जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी को आतंकवाद विरोधी कानूनों के दायरे में लाते हुए आरोप लगाया है कि यह समूह आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त है और अराजकता फैला रहा है। हालांकि, जेएएसी के सदस्य शौकत नवाज मीर ने शनिवार रात जारी एक ऑडियो संदेश में इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा कि हम किसी देश, संस्था या व्यक्ति के खिलाफ नहीं हैं और हमारे शांतिपूर्ण आंदोलन को आतंकवाद से जोड़ना बहुत बड़ा अन्याय है। इसके साथ ही उन्होंने 9 जून को ऐतिहासिक और अहम मार्च की घोषणा करते हुए लोगों से संगठित होकर इसमें शामिल होने की अपील की।

आखिर क्यों प्रदर्शन कर रही है JAAC?

इस संगठन की प्रमुख मांगों में उन 12 आरक्षित सीटों को खत्म करना शामिल है, जो जम्मू-कश्मीर से विस्थापित होकर पाकिस्तान के दूसरे हिस्सों में बसे लोगों के लिए विधानसभा में तय की गई हैं। संगठन का कहना है कि इन सीटों की वजह से गैर-स्थानीय लोग पीओके की राजनीति को प्रभावित करते हैं और पाकिस्तान की बड़ी राजनीतिक पार्टियां क्षेत्र की सरकारों पर नियंत्रण कायम कर लेती हैं।

इसके अलावा संगठन सस्ती बिजली, आर्थिक सुधार और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं की भी मांग कर रहा है, जो लंबे समय से इस इलाके के बड़े मुद्दे रहे हैं।

पीओके में बवाल, पुलिस बेहाल

खुफिया सूत्रों के मुताबिक पीओके में हाल में बिगड़ी कानून-व्यवस्था स्थानीय प्रशासन और पुलिस तंत्र की गंभीर नाकामी की ओर इशारा करती है। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान इस समय एक साथ कई मोर्चों पर गंभीर सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है। पिछले कई वर्षों से सेना तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), बलूच विद्रोहियों और अफगान तालिबान से जुड़े खतरों का सामना कर रही है।

खुफिया अधिकारियों का मानना है कि पीओके में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की एक वजह यह भी है कि सुरक्षा बलों के संसाधनों को दूसरे इलाकों में तैनात करना पड़ा है। हालत यह है कि यहां के हालात से निपटने के लिए इस्लामाबाद में भी विशेष अर्धसैनिक और सैन्य बलों को अंदरूनी मोर्चे पर लगाना पड़ा है।

सूत्रों का कहना है कि स्थानीय नेता के अंतिम संस्कार में इस तरह सुरक्षा बलों को चुनौती देना बेहद गंभीर बात है। साथ ही इलाके में चल रहे तलाशी अभियान और इंटरनेट बंदी से असंतोष और भड़क सकता है।

इंटरनेट ठप, चप्पे-चप्पे पर सेना

पीओके की राजधानी और सबसे बड़े शहर मुजफ्फराबाद में माहौल बेहद तनावपूर्ण बना रहा। शहर में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहे, जबकि संभावित लॉकडाउन की आशंका के चलते लोग जरूरी सामान खरीदने के लिए दुकानों पर टूट पड़े। रिपोर्ट्स के अनुसार पीओके में टेलीकॉम और इंटरनेट सेवाएं रोक दी गई हैं, वहीं विरोध प्रदर्शन से पहले मुजफ्फराबाद में पाकिस्तान फेडरल पुलिस और पाकिस्तान रेंजर्स की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं।

अंतरराष्ट्रीय डिजिटल निगरानी संस्था NetBlocks ने बताया कि पीओके में इंटरनेट सेवाओं में बड़े पैमाने पर बाधा देखी जा रही है, जबकि स्थानीय निवासियों का कहना है कि वीकेंड पर मोबाइल इंटरनेट सेवाएं लगभग पूरी तरह ठप रहीं।

https://hindi.news18.com/world/pakistan-pok-protest-news-fresh-violence-erupts-5-security-personnel-killed-internet-blocked-pakistani-rangers-2-ws-l-10549530.html