न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी टी20 में हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर का बड़ा बयान, गेंदबाजी और फील्डिंग में बताईं कमियां

न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम टी20 मुकाबले में मिली 7 विकेट की हार के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने माना कि टीम की गेंदबाजी और फील्डिंग का स्तर निराशाजनक रहा। हालांकि, इस हार के बावजूद भारत ने 5 मैचों की टी20 सीरीज 3-2 से अपने नाम की।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली गई 5 मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का समापन हैमिल्टन के सेडन पार्क मैदान पर खेले गए पांचवें और अंतिम मुकाबले के साथ हो गया। इस आखिरी मैच में मेजबान न्यूजीलैंड की टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए भारतीय टीम को 7 विकेट के अंतर से हरा दिया। हालांकि, इस मुकाबले में पराजय झेलने के बावजूद भारतीय टीम सीरीज को 3-2 के अंतर से अपने नाम करने में सफल रही। इस सीरीज के दौरान न्यूजीलैंड की शुरुआत बेहद खराब रही थी और उसे शुरुआती 3 मुकाबलों में लगातार हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन इसके बाद कीवी टीम ने शानदार वापसी की और अंतिम 2 मुकाबलों को अपने नाम किया।

हैमिल्टन के सेडन पार्क में खेले गए इस पांचवें टी20 मैच में न्यूजीलैंड की टीम ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम ने अपने निर्धारित 20 ओवर्स के खेल में 191 रन का मजबूत और चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। हालांकि, न्यूजीलैंड की पारी के दौरान भारतीय गेंदबाजों की खराब बॉलिंग और मैदान पर घटिया फील्डिंग का मेजबान बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया। कीवी टीम ने बिना किसी बड़ी परेशानी के मात्र 18 ओवर्स में ही जीत के लिए जरूरी टारगेट को चेज कर लिया। मुकाबला खत्म होने के बाद भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया और कमियों को स्वीकारा।

बल्लेबाजी और पिच के व्यवहार पर श्रेयस अय्यर का विश्लेषण

न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें टी20 मुकाबले में मिली हार के तुरंत बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने ब्रॉडकास्टर के साथ बातचीत की। श्रेयस अय्यर ने कहा कि अगर सच कहूं तो बोर्ड पर 191 रनों का स्कोर एक काफी ठीक-ठाक और प्रतिस्पर्धी स्कोर था। उन्होंने टीम की बल्लेबाजी पर चर्चा करते हुए कहा कि मिडिल ओवर्स में उन्हें और ईशान को जिस तरह की अच्छी शुरुआत मिली थी और जिस तरह से उन्होंने मिलकर मैच का मोमेंटम बनाया था, उसे देखते हुए भारतीय टीम और भी बेहतर स्कोर खड़ा कर सकती थी। लेकिन उस मजबूत स्थिति के बाद भारत ने लगातार अंतराल पर अपने अहम विकेट गंवा दिए, जिसकी वजह से क्रीज पर आने वाले नए बल्लेबाजों पर अचानक भारी दबाव आ गया।

श्रेयस अय्यर ने पिच की परिस्थितियों और उसके बर्ताव के बारे में बताते हुए कहा कि इस विकेट पर शॉट खेलना बिल्कुल भी आसान नहीं था। विशेष रूप से जब गेंद सीम कर रही थी और टप्पा खाने के बाद थोड़ी रुककर आ रही थी, तब बल्लेबाजों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। श्रेयस अय्यर ने अपनी और तिलक की पारी का उदाहरण देते हुए कहा कि आप सबने देखा होगा कि वे खुद और तिलक दोनों लगभग एक ही तरह से आउट होकर पवेलियन लौटे। उस वक्त पिच पर 'हार्ड लेंथ' से गेंद को खेलना काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था। इन तमाम चुनौतियों के बावजूद टीम का 191 रनों तक पहुंचना एक अच्छा प्रयास था और यह एक ठीक-ठाक स्कोर था।

गेंदबाजी और फील्डिंग में ढिलाई पर जताई निराशा

भारतीय कप्तान ने अपनी टीम की गेंदबाजी और फील्डिंग में रही कमियों को खुले तौर पर स्वीकार किया। श्रेयस अय्यर ने कहा कि मुझे लगता है कि हम अपनी गेंदबाजी और फील्डिंग के क्षेत्र में और बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे, लेकिन इस मैच में हम इन दोनों विभागों में थोड़े ढीले साबित हुए। भारतीय गेंदबाजों की लाइन-लेंथ सही नहीं रही और फील्डरों ने भी कई मौके गंवाए, जिसका पूरा फायदा न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने उठाया।

हालांकि, हार से निराश होने के बजाय कप्तान ने इसे एक सीख के रूप में देखा। श्रेयस अय्यर ने कहा कि यह मुकाबला और यह पूरा दौरा सीखने का एक बहुत ही शानदार मौका था। भारत से बाहर विदेश में आना, न्यूजीलैंड जैसी जगह पर खेलना और अलग-अलग मौकों पर अलग-अलग मैदानों की परिस्थितियों में खुद को ढालना, खिलाड़ियों के लिए एक बहुत ही बेहतरीन और यादगार अनुभव रहा है।

वनडे सीरीज से पहले गलतियों को सुधारने का इरादा

जब कप्तान श्रेयस अय्यर से सीरीज के दौरान सामने आई भारतीय टीम की कमियों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल वे इस बारे में बहुत ज्यादा नहीं सोचना चाहते हैं क्योंकि टीम को अभी आगे वनडे सीरीज भी खेलनी है। उन्होंने कहा कि जब कोई भी टीम विदेश में जाकर खेलती है, तो खेल के अलग-अलग पहलुओं में खिलाड़ियों को नई-नई चुनौतियों से जूझना पड़ता है। ऐसी स्थिति में आप जितनी हिम्मत और निडरता के साथ इन चुनौतियों का सामना करेंगे, टीम के लिए उतना ही बेहतर रहेगा।

श्रेयस अय्यर ने कहा कि आज हमारे पास इस मैच को जीतकर अपनी स्थिति और मजबूत करने का एक अच्छा मौका था जिसका हम फायदा उठाना चाहते थे, लेकिन बदकिस्मती से हम ऐसा नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि हालांकि हम इस प्रदर्शन पर आपस में चर्चा कर सकते हैं और हमें कुछ खास चीजों पर गंभीरता से काम करने की सख्त जरूरत है। कप्तान ने विशेष रूप से फील्डिंग का जिक्र करते हुए कहा कि फील्डिंग खेल का एक ऐसा महत्वपूर्ण पहलू है जिसमें हमें तुरंत सुधार करने की आवश्यकता है।

उन्होंने विदेशी मैदानों की परिस्थितियों की बात करते हुए कहा कि जब आप ऐसी जगह पर खेलते हैं जहां फ्लडलाइट्स या रोशनी कम होती है और आसमान एकदम साफ होता है, तो गेंद को देखना और कैच लपकना इतना आसान नहीं होता। भारत में आमतौर पर खिलाड़ियों को ऐसी परिस्थितियां देखने को नहीं मिलतीं, लेकिन इसके बावजूद यह सब सीखने का एक बेहतरीन अनुभव रहा है।

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