हादसे की जांच और टीमें
उत्तराखंड के चमोली में हुए भयावह हेलीकॉप्टर हादसे की जांच प्रक्रिया ने अब गति पकड़ ली है। दुर्घटनास्थल पर डीजीसीए और एएआईबी (AAIB) की विशेषज्ञ टीमें जांच के लिए पहुंची हैं। इन तकनीकी विशेषज्ञों के साथ यूकाडा (UCADA) के सीईओ प्रतीक जैन ने भी घटनास्थल का दौरा किया है। वर्तमान में जांच टीमें क्षतिग्रस्त हेलीकॉप्टर के मलबे की पड़ताल कर रही हैं, लेकिन अब तक हादसे के महत्वपूर्ण सुराग माने जाने वाले ब्लैक बॉक्स को बरामद करने में सफलता नहीं मिली है।
ऑरेंज अलर्ट और उड़ान पर सवाल
इस दुर्घटना के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। मौसम विभाग द्वारा पहले ही 48 घंटे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था और क्षेत्र में भारी बर्फबारी की स्थिति बनी हुई थी। इन प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद आखिर किन नियमों के तहत हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति दी गई, यह विषय जांच का मुख्य केंद्र बन गया है। इस पूरे प्रकरण में अब यूकाडा की कार्यप्रणाली और उसकी भूमिका पर गंभीर संदेह जताया जा रहा है।
सीईओ प्रतीक जैन का बयान
तमाम सवालों और आलोचनाओं के बीच यूकाडा के सीईओ प्रतीक जैन ने अपना पक्ष रखा है। उनका दावा है कि सुरक्षा के लिहाज से पूरी स्थिति का जायजा लिया गया था। प्रतीक जैन के अनुसार, मौसम की गंभीरता को भांपने और स्थिति के विश्लेषण के बाद ही दोपहर के समय हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति प्रदान की गई थी। अब जांच एजेंसियां इस बात की गहराई से छानबीन कर रही हैं कि अनुमति देने से पहले मौसम विभाग के चेतावनी संकेतों को कितनी अहमियत दी गई थी।
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