एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने संभाली भारतीय वायुसेना की कमान, 20 से अधिक लड़ाकू विमान उड़ाने का है 3,500 घंटे का अनुभव

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 29वें वायुसेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का स्थान लिया है, जिन्हें राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के बाद गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

भारतीय वायुसेना में नया नेतृत्व, आशुतोष दीक्षित ने ग्रहण किया पदभार

भारतीय वायुसेना की कमान अब नए हाथों में आ गई है। अनुभवी फाइटर पायलट एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने शनिवार को आधिकारिक तौर पर 29वें वायुसेना प्रमुख के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है। वायुसेना प्रमुख बनने से पहले वह वायुसेना के उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ) के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का स्थान लिया है, जो 43 साल के अपने लंबे और गौरवशाली सैन्य करियर के बाद सेवानिवृत्त हो गए हैं।

कार्यभार सौंपने की प्रक्रिया से पहले, निवर्तमान वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद, उन्हें रेस कोर्स वायुसेना स्टेशन में विदाई सलामी के तौर पर वायुसेना के जवानों द्वारा 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया।

3,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव और बहुमुखी प्रतिभा

रणनीतिक योजनाएं बनाने में माहिर एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना के सबसे बेहतरीन पायलटों में से एक माना जाता है। विमानन क्षेत्र में उनका अनुभव बेहद व्यापक है:

  • उड़ान अनुभव: उन्हें 20 से अधिक विभिन्न किस्म के सैन्य विमानों पर 3,500 घंटे से अधिक की उड़ान भरने का गहरा व्यावहारिक अनुभव है।
  • विमानों की श्रृंखला: उनके पास मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करणों, जगुआर, तेजस, किरण, हॉक और आईएल-78 समेत कई श्रेणी के लड़ाकू व परिवहन विमान उड़ाने की दक्षता है।

चार दशकों का शानदार सैन्य करियर और प्रमुख सैन्य अभियान

9 दिसंबर 1966 को जन्मे एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की लड़ाकू इकाई में शामिल हुए थे। अपने लगभग चार दशक लंबे करियर में उन्होंने कमान, स्टाफ और प्रशिक्षण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, बांग्लादेश स्थित डिफेंस स्टाफ सर्विस कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं। अपनी उत्कृष्ट रणनीतिक क्षमता के लिए प्रसिद्ध दीक्षित ने 'ऑपरेशन सिंदूर' में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके साथ ही वह अपने करियर के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर और ऑपरेशन रक्षक में भी सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।

प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान और शीर्ष पदों का अनुभव

देश सेवा के दौरान उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें कई बार सम्मानित किया गया है:

  • 2006: वायु सेना पदक
  • 2011: विशिष्ट सेवा पदक
  • 2023: अति विशिष्ट सेवा पदक
  • 2026: परम विशिष्ट सेवा पदक

वायुसेना प्रमुख की कुर्सी संभालने से पहले एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने संगठन में कई शीर्ष पदों पर कार्य किया है। उन्होंने वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ, चीफ ऑफ डिफेंस इंटीग्रेटेड स्टाफ, एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (सेंट्रल एयर COMMAND), डिप्टी चीफ ऑफ द एयर स्टाफ, सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर (साउथ वेस्टर्न एयर कमांड) और सदर्न एयर कमांड में एयर डिफेंस कमांडर के पदों की जिम्मेदारी संभाली है। 42 वर्षों की विशिष्ट सेवा पूरी करने वाले एपी सिंह से कमान संभालने के बाद अब आशुतोष दीक्षित के नेतृत्व में वायुसेना अपनी रणनीतिक क्षमताओं और आधुनिकीकरण को और मजबूत करेगी।

https://www.indiatv.in/india/national/ashutosh-dixit-took-over-new-chief-of-air-staff-know-about-ace-fighter-iaf-2026-10-31-1252058