नागौर जिले के मांझवास गांव में स्थित फूलां बाई का मंदिर अपनी विशिष्ट आस्था और बेजोड़ वास्तुकला के कारण दूर-दूर तक पहचाना जाता है। इस मंदिर की हर बनावट श्रद्धालुओं और देखने आने वालों को हैरान कर देती है।
खेजड़ी के पेड़ की पूजा
इस मंदिर परिसर में खेजड़ी के पेड़ की पूजा की जाती है। ग्रामीण इस वृक्ष को बेहद पवित्र मानते हैं और इसके प्रति गहरी आस्था रखते हैं।
नागौर का सबसे ऊंचा गुम्बद
मंदिर में नागौर का सबसे ऊंचा 91 फीट का विशाल गुम्बद बना हुआ है। यही गुम्बद इस स्थल की भव्यता का केंद्र है और इसे क्षेत्र में अलग पहचान देता है।
छप्पन देव मूर्तियां और छप्पन गुम्बद
विशाल गुम्बद के चारों ओर बने झरोखों में संगमरमर से तराशी गई छप्पन देव मूर्तियां स्थापित की गई हैं। इन सभी मूर्तियों के ऊपर छप्पन छोटे गुम्बद बनाए गए हैं, जो मंदिर की शोभा को और बढ़ा देते हैं।
प्रवेश और निकास के पांच रास्ते
मंदिर में आने-जाने के लिए पांच अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं। प्रवेश और निकास की यह व्यवस्था इसकी अनूठी संरचना को बखूबी दर्शाती है।
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