देहरादून के विरासत फेस्ट में छाई केरला मिष्टी, दिवाली पर पारंपरिक मिठाइयों का बेहतरीन विकल्प

देहरादून में आयोजित विरासत फेस्टिवल में इस बार पारंपरिक मिठाइयों के अलावा केरला मिष्टी लोगों का ध्यान खींच रही है। अपनी लंबी शेल्फ लाइफ और अनोखे स्वाद के कारण यह दिवाली के लिए एक खास तोहफा हो सकती है।

विरासत फेस्ट में केरला मिष्टी का जलवा

देहरादून में इन दिनों चल रहे विरासत फेस्ट में हर साल की तरह तरह-तरह के स्टॉल सजे हैं, लेकिन इस बार वहां एक खास मिठाई लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। अगर आप इस दिवाली कुछ नया आज़माना चाहते हैं, तो केरला मिष्टी एक शानदार विकल्प हो सकती है। यह मिठाई पारंपरिक लड्डुओं और छेने से बनी मिठाइयों से बिल्कुल अलग है और स्वाद में बेजोड़ है।

क्या है केरला मिष्टी की खासियत

दुकानदार गोवर्धन के अनुसार, इस मिठाई को केरल का हलवा भी कहा जाता है। इसे दक्षिण भारतीय पारंपरिक रेसिपी का उपयोग करके तैयार किया जाता है। मुख्य रूप से अंजीर और काजू के मिश्रण से बनी यह मिठाई खाने में बेहद स्वादिष्ट और सेहतमंद भी है। इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री इसे एक अलग ही टेक्सचर और स्वाद प्रदान करती है।

कई फ्लेवर्स में है उपलब्ध

ग्राहकों के लिए यहाँ केरला मिष्टी के कई विकल्प मौजूद हैं। आप अपनी पसंद के अनुसार इन फ्लेवर्स में से चुनाव कर सकते हैं:

  • अंजीर
  • पाइनएप्पल
  • गाजर
  • ग्रीन पिस्ता
  • अनार

कुल मिलाकर, यह मिठाई आपको 4 से 5 अलग-अलग स्वादों में मिल जाएगी।

लंबे समय तक रहेगी ताजी

इस मिठाई की सबसे बड़ी विशेषता इसकी टिकाऊपन है। यदि आप इसे दिवाली के मौके पर खरीदते हैं, तो आपको इसके खराब होने की चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। दुकानदार के मुताबिक, केरला मिष्टी की शेल्फ लाइफ करीब 4 महीने होती है। लंबे समय तक सुरक्षित रहने के कारण आप इसे बिना किसी झिझक के त्योहारों के लिए खरीद सकते हैं और लंबे समय तक इसका आनंद ले सकते हैं।

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