सुरक्षा के साथ-साथ मानवता की अनूठी मिसाल
देश की संसद, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, सीपोर्ट, मेट्रो रेल नेटवर्क और अति-संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा में मुस्तैद रहने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनकी रगों में केवल देश भक्ति ही नहीं, बल्कि जन-सेवा और इंसानियत का जज्बा भी बहता है। राजस्थान के बहरोड़ में सीआईएसएफ के अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षण ले रहे युवा रंगरूटों ने अपने शहीद साथियों की शहादत को नमन करते हुए एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस महादान के दौरान महज एक ही दिन में 885 यूनिट ब्लड एकत्र किया गया, जिसे दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को सौंप दिया गया है।
गंभीर मरीजों और इमरजेंसी सर्जरी में मिलेगी मदद
सीआईएसएफ द्वारा दान किया गया यह 885 यूनिट खून दिल्ली एम्स अस्पताल में भर्ती गंभीर रोगियों के इलाज और आपातकालीन सर्जरी के दौरान अत्यंत मददगार साबित होगा। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, एकत्र किए गए रक्त का उपयोग मरीज की आवश्यकता और रक्त के विभिन्न घटकों के आधार पर अलग-अलग तरीकों से किया जाएगा। बहरोड़ स्थित ट्रेनिंग सेंटर में जवानों ने जिस निस्वार्थ भावना से रक्तदान किया, वह उन अनगिनत अनजान लोगों के जीवन को बचाने का काम करेगा, जिनसे ये जवान शायद कभी व्यक्तिगत रूप से नहीं मिल पाएंगे।
बहरोड़ स्थित ट्रेनिंग सेंटर में लगा था मेगा कैंप
रक्तदान का यह विशेष और भव्य आयोजन 28 अक्टूबर को बहरोड़ स्थित मल्टी-डिसिप्लिनरी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेंटर (MPRTC) में संपन्न हुआ। इस मेगा ब्लड डोनेशन कैंप का मुख्य ध्येय अपने वीर शहीद साथियों के प्रति सम्मान व्यक्त करना और समाज सेवा में योगदान देना था। शिविर की शुरुआत से ही जवानों, अधिकारियों और युवा ट्रेनीज में रक्तदान करने के लिए अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। कतारबद्ध होकर खड़े जवानों ने पूरे अनुशासित तरीके से रक्तदान की प्रक्रिया में भाग लिया और देश के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूती प्रदान की।
आईजी और डीआईजी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ आयोजन
इस पूरे विशाल अभियान का सफल संचालन सीआईएसएफ के इंस्पेक्टर जनरल (ट्रेनिंग) विनय काजला के कुशल मार्गदर्शन में किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर सीआईएसएफ की डीआईजी और डायरेक्टर (मेडिकल) शालिनी तिवारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाते हुए डीआईजी शालिनी तिवारी ने कहा कि स्वेच्छा से किया गया रक्तदान नागरिक कर्तव्य का सर्वोच्च उदाहरण है और यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी की गहरी भावना को दर्शाता है।
एम्स दिल्ली की मेडिकल टीम का पेशेवर योगदान
इस मेगा ब्लड डोनेशन कैंप को सुचारू और सुरक्षित तरीके से पूरा कराने में दिल्ली एम्स की स्पेशलाइज्ड मेडिकल और पैरामेडिकल टीम ने मुख्य भूमिका निभाई। एम्स की पेशेवर टीम ने रक्तदान करने आए प्रत्येक जवान की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच (स्क्रीनिंग) से लेकर निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल का पूरी कड़ाई से पालन कराया। संपूर्ण प्रक्रिया को अत्यंत पेशेवर और व्यवस्थित ढंग से पूरा किया गया, जिससे यह रक्तदान अभियान ऐतिहासिक सफलता प्राप्त कर सका।
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