लद्दाख में शराब की बिक्री पर प्रशासन का स्पष्टीकरण
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में शराब की दुकानों और बार का दायरा बढ़ाए जाने के दावों पर स्थानीय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की ओर से लगाए गए आरोपों को प्रशासन ने पूरी तरह से गलत, भ्रामक और आधारहीन करार दिया है। आधिकारिक बयान जारी करते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान समय में पूरे लद्दाख क्षेत्र में केवल एक शराब की दुकान ही चालू है। इसके साथ ही प्रशासन ने वांगचुक को हिदायत दी है कि वह सार्वजनिक मंचों पर बयानबाजी करने से पहले आधिकारिक आंकड़ों की जांच करें और गैर जिम्मेदाराना बयान देकर अफवाह फैलाने से बचें।
सोनम वांगचुक ने लगाए थे मनमानी के आरोप
यह पूरा विवाद सोनम वांगचुक के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जो उन्होंने 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित लद्दाख भवन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान दिया था। वांगचुक ने उपराज्यपाल पर एकतरफा और मनमाने फैसले लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि लद्दाख में शराब की बिक्री को जबरन बढ़ावा दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, लगभग दो महीने पहले हर इलाके में शराब की दुकानें खोलने की योजना तैयार की गई थी और स्थानीय विरोध के बावजूद हर सड़क, मोहल्ले तथा शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बार खोले जा रहे हैं।
नई आबकारी नीति और पुरानी व्यवस्था की बहाली
सोनम वांगचुक के दावों को खारिज करते हुए लद्दाख प्रशासन ने एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति के जरिए पूरी स्थिति साफ की है। प्रशासन के अनुसार, नई आबकारी नीति 2026-27 को 1 जून 2026 को अधिसूचित किया गया था। हालांकि, इस नीति को लेकर स्थानीय निवासियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कई आपत्तियां व सुझाव दर्ज कराए थे। जनभावनाओं का सम्मान करते हुए उपराज्यपाल ने 26 अगस्त 2026 को इस नीति को वापस लेने का निर्णय लिया। इसके साथ ही वाइन शॉप खोलने के तमाम प्रस्ताव और नीलामी संबंधी नोटिस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए गए थे।
प्रशासन ने बताया कि नई नीति वापस लेने के बाद 4 अप्रैल 2025 को अधिसूचित की गई पुरानी आबकारी नीति 2025-26 को पुनः लागू कर दिया गया, जो वर्तमान में भी प्रभावी है। इस पुरानी नीति के तहत लेह के केवल दो वार्डों, वार्ड नंबर 4 और वार्ड नंबर 6 में एक-एक शराब की दुकान खोलने की अनुमति दी गई थी। इसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को नीलामी प्रक्रिया संपन्न हुई, जिसके तहत वार्ड नंबर 6 में एक शराब की दुकान चालू हो सकी। वहीं वार्ड नंबर 4 के लिए किसी भी बोलीदाता ने रुचि नहीं दिखाई, जिससे वहां दुकान नहीं खुल पाई। इस प्रकार पूरे लद्दाख में सिर्फ एक दुकान ही संचालित हो पा रही है।
बार और होटल लाइसेंस के आधिकारिक आंकड़े
क्षेत्र में संचालित हो रहे बार और रेस्तरां के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए प्रशासन ने पूरा ब्योरा साझा किया है। लद्दाख प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, केंद्र शासित प्रदेश में रेस्तरां के साथ शराब परोसने की सुविधा देने वाले कुल 50 खुदरा प्रतिष्ठान काम कर रहे हैं।
इन प्रतिष्ठानों का क्षेत्रीय वितरण इस प्रकार है:
- लेह: 38 प्रतिष्ठान
- नुब्रा: 7 प्रतिष्ठान
- जांस्कर: 3 प्रतिष्ठान
- चांगथांग: 2 प्रतिष्ठान
इसके अलावा, लेह शहर में वर्तमान में केवल दो बीयर बार ही काम कर रहे हैं। होटलों को दिए गए लाइसेंस की बात करें तो लेह के कुल नौ होटलों के पास शराब परोसने की आधिकारिक अनुमति है, जिनमें से चार होटलों को चालू वर्ष के दौरान लाइसेंस दिए गए हैं। वहीं नुब्रा घाटी के एक होटल ने चालू वर्ष में आवेदन किया था, जिसे नियमों के तहत मंजूरी प्रदान की गई।
नियमों के पालन और अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने जोर देकर कहा है कि शराब बिक्री या बार संचालन के लाइसेंस मनमाने ढंग से जारी नहीं किए जाते, बल्कि इसके लिए तय कड़े मानकों का पालन करना अनिवार्य होता है। राजमार्गों, शैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक स्थलों से निश्चित दूरी बनाए रखने के नियमों का पूरी सख्ती से पालन कराया जाता है और यही दूरी संबंधी नियम होटलों पर भी लागू होते हैं।
प्रशासन का कहना है कि आधिकारिक आंकड़े वांगचुक के उन दावों को पूरी तरह खारिज करते हैं जिनमें हर कोने में दुकानें खोलने की बात कही गई है। ऐसे निराधार बयानों से जनता के बीच बेवजह की आशंकाएं पैदा होती हैं। प्रशासन ने सार्वजनिक हस्तियों को सलाह दी है कि राष्ट्रीय मीडिया या आम जनता के सामने कोई भी दावा पेश करने से पहले वे सरकारी रिकॉर्ड और तथ्यों की सत्यता अवश्य जांच लें।
https://www.indiatv.in/india/national/ladakh-excise-policy-sonam-wangchuk-liquor-shops-administration-reply-2026-10-28-1251413