धनतेरस पर खरीदारी की विशेष परंपरा
दिवाली का पावन त्योहार जैसे-जैसे करीब आता है, बाजारों में एक अलग ही उत्साह और रौनक देखने को मिलती है। पांच दिनों तक चलने वाले इस प्रकाश पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन से होती है। इस दिन सोना, चांदी, धातु के बर्तन और अन्य नई वस्तुओं को घर लाना अत्यंत शुभ माना जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन की गई खरीदारी से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। इस विशेष दिन पर भगवान धन्वंतरि के साथ-साथ मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की भी विधि-विधान से पूजा की जाती है। यदि आप भी इस वर्ष धनतेरस पर खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना बेहद आवश्यक है कि खरीदारी के लिए सबसे सटीक और शुभ समय कौन सा है।
ज्योतिषाचार्य ने बताए खरीदारी के तीन खास मुहूर्त
देवघर स्थित पागल बाबा आश्रम के मुदगल ज्योतिष केंद्र के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल ने इस विषय पर विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस बार 6 नवंबर, शुक्रवार को धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए मुहूर्त का बहुत महत्व होता है। मान्यता है कि यदि कोई कार्य सही मुहूर्त में किया जाए, तो उसका फल कई गुना अधिक मिलता है। इस साल धनतेरस का दिन और भी विशेष है, क्योंकि इस दिन प्रदोष व्रत का भी संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, खरीदारी के लिए कुल तीन शुभ मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं, जो सुबह, दोपहर और शाम के समय उपलब्ध रहेंगे।
पहला मुहूर्त: सुबह का चौघड़िया समय
पंडित नंद किशोर मुदगल के अनुसार, धनतेरस के दिन खरीदारी का पहला शुभ समय चौघड़िया के अंतर्गत आता है। यह शुभ मुहूर्त सुबह 8:16 बजे से शुरू होकर सुबह 9:48 बजे तक प्रभावी रहेगा। जो लोग दिन की शुरुआत में ही खरीदारी का कार्य संपन्न करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय सबसे उपयुक्त है। इस अवधि में आप अपनी सुविधानुसार सोना, चांदी, बर्तन या अपनी जरूरत की अन्य वस्तुएं खरीद सकते हैं। यदि आपके पास सुबह के समय बाजार जाने का अवसर है, तो आप इस मुहूर्त का लाभ उठा सकते हैं।
दूसरा मुहूर्त: दोपहर का अभिजीत मुहूर्त
यदि आप किन्हीं कारणों से सुबह के समय खरीदारी करने से चूक जाते हैं, तो निराश होने की आवश्यकता नहीं है। दिन का दूसरा सबसे उत्तम मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त है। ज्योतिष गणना के अनुसार, यह समय दोपहर 11:48 बजे से लेकर दोपहर 12:56 बजे तक रहेगा। यह समय उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो अपने व्यस्त दिनचर्या के बीच खरीदारी के लिए समय निकालना चाहते हैं। इस अभिजीत मुहूर्त को भी अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है, जिसमें आप निश्चिंत होकर खरीदारी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
तीसरा और सबसे उत्तम मुहूर्त: प्रदोष काल
पंडित नंद किशोर मुदगल ने बताया कि धनतेरस पर खरीदारी का तीसरा और सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त शाम के समय है। यह मुहूर्त शाम 6:02 बजे से शुरू होकर रात 7:58 बजे तक रहेगा। इस दौरान प्रदोष और वृषभ काल का संयोग बन रहा है, जो खरीदारी और पूजा-अर्चना दोनों के लिए ही सर्वोत्तम माना जाता है। शाम का यह समय घर में नई वस्तुओं को लाने और मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए सबसे उपयुक्त है। इस प्रकार, अपनी सुविधानुसार आप इन तीन शुभ मुहूर्तों में से किसी एक को चुनकर इस साल धनतेरस की खरीदारी को यादगार और मंगलकारी बना सकते हैं।
https://hindi.news18.com/news/dharm/dhanteras-shubh-muhurat-2026-gold-silver-buying-timings-deoghar-astrologer-local18-ws-l-10943377.html