बेटी रात में घर से थोड़ी दूर क्या गई, पिता और चाचाओं ने 'इज्जत' के नाम पर पीट-पीटकर ले ली जान

हरदोई के संडीला इलाके में 19 वर्षीय शुभी को घर से बाहर निकलने पर पिता और चाचाओं ने मारपीट कर मौत के घाट उतार दिया, फिर हत्या को सांप काटने और आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। मां की हिम्मत से सच्चाई सामने आई और पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के संडीला क्षेत्र में रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। जिस बेटी को परिवार ने उंगली पकड़कर चलना सिखाया, उसी को घर के भीतर बंद कर तब तक पीटा गया जब तक उसकी सांसें नहीं थम गईं। आरोप है कि सिर्फ इतनी-सी बात पर यह दरिंदगी हुई कि वह रात में घर से बाहर चली गई थी।

'इज्जत' के नाम पर बेटी की जान ले ली

समदखेड़ा गांव की रहने वाली 19 वर्षीय शुभी को कथित तौर पर पिता रामदयाल और चाचा मुनेश, सुरेश तथा कल्लू ने एक कमरे में घेर लिया। 'परिवार की इज्जत' के नाम पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। बताया जा रहा है कि बेटी रहम की गुहार लगाती रही, लेकिन परिजन उसे तब तक पीटते रहे जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।

हत्या के बाद गढ़ी गईं झूठी कहानियां

मौत के बाद परिवार के लोग घटना को छिपाने के लिए लगातार झूठी कहानियां गढ़ते रहे। आरोप है कि कभी शुभी के पैरों में सुई चुभोकर सांप काटने का नाटक रचा गया, तो कभी गले पर निशान बनाकर इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।

इतना ही नहीं, आरोपितों ने रात के अंधेरे में गांव के बाहर बाग में चुपचाप शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया, ताकि घटना का कोई सबूत न बचे।

मां ने थाने पहुंचकर खोली पूरी सच्चाई

इस मामले में मां मिथिलेशा ने डर के आगे घुटने नहीं टेके। उन्होंने सीधे थाने पहुंचकर अपने पति और रिश्तेदारों की करतूत के बारे में पूरी जानकारी पुलिस को दी।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर रामदयाल, मुनेश, सुरेश और माधुरी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में हत्या के बाद सबूत मिटाने और घटना को आत्महत्या का रंग देने की बात भी सामने आई है।

गांव में दबी जुबान चर्चा

गांव के लोग दबी जुबान में कह रहे हैं कि यदि मां हिम्मत न दिखातीं, तो शायद इस हत्या को किस्मत और सांप के काटने की घटना मानकर भुला दिया जाता।

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