नूरानी मस्जिद और मजार पर संभावित कार्रवाई के खिलाफ राजस्थान मुस्लिम फोरम की सामूहिक दुआ, रोड चौड़ीकरण के बहाने हमले का विरोध

नूरानी मस्जिद और मजार को हटाने की आशंका के बीच राजस्थान मुस्लिम फोरम ने जयपुर में सामूहिक दुआ का आयोजन किया, जहां विधायक रफीक खान और अमीन कागजी समेत कई प्रतिनिधियों ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की मांग की। फोरम ने लोकतांत्रिक और कानूनी दायरे में शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।

नूरानी मस्जिद और मजार को हटाए जाने की आशंका के विरोध में राजस्थान मुस्लिम फोरम की ओर से जयपुर में एक अहम बैठक रखी गई। इस मौके पर मस्जिद और मजार के संरक्षण के लिए सामूहिक दुआ की गई, जिसमें बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। पूरा कार्यक्रम प्रशासन की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नूरानी मस्जिद और मजार को सोच-समझकर निशाना बनाते हुए कार्रवाई की जा रही है। फोरम के पदाधिकारियों और समाज के प्रतिनिधियों का कहना था कि मस्जिद और मजार पूरी तरह वैध और कानूनी हैं, इसलिए इन्हें हटाने की कोशिश कई सवाल खड़े करती है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि कोई भी समाज अपनी इबादतगाह को खुद नहीं तोड़ सकता और धार्मिक स्थलों के सम्मान की हिफाजत करना सभी की जिम्मेदारी है।

रोड चौड़ीकरण के नाम पर धार्मिक स्थलों को नुकसान का आरोप

बैठक में यह भी कहा गया कि रोड चौड़ीकरण और विकास कार्यों की आड़ में धार्मिक स्थलों को क्षति पहुंचाई जा रही है। इस दौरान विधायक रफीक खान ने कहा कि क्षेत्र में मंदिर और मस्जिद दोनों को ही तोड़ा जा रहा है, जिसका वे विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि विकास के काम जरूरी हैं, लेकिन इसके साथ धार्मिक स्थलों की गरिमा और सम्मान को भी कायम रखा जाना चाहिए।

समाज की बात सरकार तक पहुंचाई जाएगी

विधायक अमीन कागजी ने कहा कि समाज अपनी चिंताएं और मांगें सरकार तथा मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश के हैं और हर धर्म के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मसले पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेगी।

नोटिस जारी करने के समय पर सवाल

मस्जिद समिति ने आरोप लगाया कि 5 जून की रात जानबूझकर नोटिस जारी किया गया। समिति का कहना है कि नोटिस का समय इस तरह तय किया गया कि शनिवार और रविवार के अवकाश के चलते अदालत से कानूनी राहत या स्टे हासिल करने का मौका प्रभावित हो जाए। समिति ने इसे न्यायिक प्रक्रिया में अड़चन डालने की कोशिश करार दिया।

शांतिपूर्ण और कानूनी संघर्ष जारी रहेगा

बैठक के अंत में राजस्थान मुस्लिम फोरम ने साफ किया कि मस्जिद और मजार हटाने के फैसले को स्वीकार नहीं किया जाएगा। फोरम ने लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखने की घोषणा की। इस मौके पर धार्मिक, सामाजिक और जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर आगे की रणनीति पर चर्चा की और आंदोलन की रूपरेखा तय की।

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