तेज धूप और बढ़ते तापमान से राहत पाने के लिए गर्मियों में लोग अक्सर ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते हैं। लेकिन बाजार में मिलने वाले कई ड्रिंक्स में चीनी और कृत्रिम तत्वों की मात्रा अधिक होती है। इसके मुकाबले भारत के पारंपरिक प्राकृतिक पेय न सिर्फ शरीर को ठंडक देते हैं, बल्कि जरूरी पोषक तत्व भी देते हैं।
देसी पेय: स्वाद और सेहत का बेजोड़ संगम
देश के अलग-अलग राज्यों में कई ऐसे पारंपरिक पेय प्रचलन में हैं, जिन्हें स्थानीय सामग्री से तैयार किया जाता है। वर्षों से ये ड्रिंक्स भारतीय खानपान और संस्कृति का हिस्सा रहे हैं और इनमें स्वाद के साथ-साथ सेहत के कई फायदे भी छिपे रहते हैं।
आम पन्ना
कच्चे आम से बनने वाला आम पन्ना गर्मियों का बेहद पसंदीदा पेय है। इसमें विटामिन सी, आयरन और इलेक्ट्रोलाइट्स मौजूद होते हैं, जो शरीर को ठंडक देने और थकान कम करने में मदद कर सकते हैं।
लस्सी
दही से तैयार होने वाली लस्सी उत्तर भारत में, खासकर पंजाब और हरियाणा में बहुत लोकप्रिय है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं।
छाछ
छाछ एक हल्का और ताजगी देने वाला पेय है, जिसे कई राज्यों में भोजन के साथ पिया जाता है। इसमें कैल्शियम, विटामिन बी12 और प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो आंतों की सेहत बेहतर बनाने में मददगार हो सकते हैं।
सत्तू का शरबत
बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लोकप्रिय सत्तू का शरबत प्रोटीन, फाइबर और खनिजों से भरपूर होता है। यह शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने और गर्मी से राहत दिलाने में मदद करता है।
कोकम शरबत
कोकम फल से तैयार यह पेय पश्चिमी तटीय इलाकों में काफी पसंद किया जाता है। इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो पाचन और शरीर की ताजगी बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।
सोल कढ़ी
कोकम और नारियल के दूध से बनने वाली सोल कढ़ी महाराष्ट्र और गोवा के कई हिस्सों में पसंद की जाती है। यह पाचन सुधारने और शरीर को ठंडक देने के लिए जानी जाती है।
पानकम
गुड़, सोंठ, काली मिर्च और इलायची से बनने वाला पानकम दक्षिण भारत का ऊर्जा देने वाला पारंपरिक पेय माना जाता है। यह गर्मी के मौसम में ताजगी और स्फूर्ति बनाए रखने में मदद कर सकता है।
नीर मोर
तमिलनाडु में लोकप्रिय नीर मोर दही, पानी और हल्के मसालों से तैयार की जाती है। यह शरीर को हाइड्रेट रखने और पाचन में सहायता करने के लिए जानी जाती है।
सम्बारम
दक्षिण भारत का यह पारंपरिक पेय दही, अदरक, करी पत्ता और मसालों से बनाया जाता है। इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर यह ड्रिंक डिहाइड्रेशन से बचाने और शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद कर सकता है।
बेल पना
बेल फल से बनने वाला यह पारंपरिक शरबत खासकर ओडिशा में लोकप्रिय है। गर्मी के दौरान इसे शरीर को ठंडा रखने और पाचन संबंधी परेशानियों से राहत दिलाने वाला पेय माना जाता है।
क्यों चुनें प्राकृतिक पेय?
इन पारंपरिक ड्रिंक्स की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इन्हें आमतौर पर घर पर ही तैयार किया जाता है और इनमें कृत्रिम रंग, फ्लेवर या प्रिजर्वेटिव नहीं होते। गर्मियों में कोल्ड ड्रिंक्स की जगह इन प्राकृतिक पेयों को अपनाकर शरीर को ठंडक, पोषण और ऊर्जा—तीनों का लाभ मिल सकता है।
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