5 देसी सुपरफूड्स जो महंगे विदेशी सप्लीमेंट पर पड़ते हैं भारी, बढ़ती उम्र में भी देंगे जवानी जैसी फुर्ती

मखाना, मोरिंगा, आंवला, बाजरा और हल्दी जैसे भारतीय सुपरफूड्स अपनी पोषण क्षमता के दम पर दुनिया भर में लोकप्रिय हो रहे हैं और बाजार में बिकने वाले महंगे सप्लीमेंट्स को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।

कोविड महामारी के बाद से लोग अपनी सेहत को लेकर पहले से कहीं ज्यादा सतर्क हो गए हैं। बड़ी संख्या में लोग अब रोजाना शारीरिक गतिविधि कर रहे हैं और अपने खानपान में पौष्टिक चीजों को शामिल कर रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में दुनिया भर में हेल्दी फूड्स का चलन तेजी से बढ़ा है और अब लोग महंगे सप्लीमेंट्स के बजाय प्राकृतिक सुपरफूड्स पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।

इसी कड़ी में कई भारतीय देसी सुपरफूड्स वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं। मखाना, सहजन यानी मोरिंगा, आंवला, बाजरा और हल्दी जैसी चीजें अब विदेशों में भी खूब पसंद की जा रही हैं। ये सभी खाद्य पदार्थ सेहत के लिहाज से बेहद फायदेमंद माने जाते हैं।

इन 5 देसी फूड्स का बढ़ा क्रेज

मखाना

मखाना आज सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि कई देशों में एक हेल्दी स्नैक के रूप में लोकप्रिय हो रहा है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। कम कैलोरी और भरपूर पोषक तत्वों के कारण फिटनेस के प्रति जागरूक लोग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बना रहे हैं। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है और इसे भूनकर या अलग-अलग व्यंजनों में मिलाकर खाया जा सकता है।

सहजन (मोरिंगा)

सहजन को मोरिंगा भी कहा जाता है और इसे दुनिया के सबसे पौष्टिक पौधों में से एक माना जाता है। इसकी पत्तियों, फली और पाउडर का इस्तेमाल कई देशों में किया जा रहा है। इसमें विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। यही वजह है कि मोरिंगा आधारित उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है। इसे स्मूदी, सूप और दूसरे खाद्य पदार्थों में मिलाकर लिया जाता है।

आंवला

भारतीय आयुर्वेद में आंवले का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है। इसे विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। आंवले का सेवन जूस, मुरब्बा, पाउडर या चटनी के रूप में किया जाता है। बहुत से लोग इसे रोग प्रतिरोधक क्षमता और बेहतर सेहत के लिए अपनी डाइट में शामिल करते हैं। यही कारण है कि आंवला अब दुनिया भर में अपनी जगह बना रहा है।

बाजरा और हल्दी

बाजरा जैसे मोटे अनाज और हल्दी जैसे पारंपरिक मसाले भी दुनिया भर में लोकप्रिय हो रहे हैं। बाजरा फाइबर और कई अहम पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जबकि हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन अपने एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। सेहत के प्रति सजग लोग अब इन देसी खाद्य पदार्थों को अपनी आधुनिक डाइट का हिस्सा बना रहे हैं। यही वजह है कि विदेशी बाजारों में इनकी मांग में लगातार इजाफा हो रहा है।

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