क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि जब शब्द साथ छोड़ दें, तब बल्ले को बोलने देना चाहिए। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार इन दिनों ठीक इसी सोच पर अमल करते दिख रहे हैं। भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम की घोषणा में जब उनका नाम गायब रहा, तो क्रिकेट जगत में इसे लेकर खूब चर्चा हुई। मगर इस फैसले के महज एक दिन बाद पाटीदार ने मैदान पर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं को साफ संदेश दे दिया।
मुश्किल हालात में संभाली पारी
मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग में ग्वालियर चीता और मालवा स्टालियंस के बीच मुकाबला हुआ। टीम इंडिया में जगह न मिलने की निराशा को किनारे रखते हुए ग्वालियर चीता के कप्तान पाटीदार ने मैदान पर कदम रखते ही कहर बरपा दिया। उनकी टीम उस समय संकट में थी, जब सिर्फ 41 रनों पर 3 विकेट गिर चुके थे। पांच ओवर के अंदर लड़खड़ाई पारी को पाटीदार ने न सिर्फ संभाला, बल्कि उसे जीत के स्कोर तक भी पहुंचा दिया।
30 गेंदों में 65 रनों का तूफान
पाटीदार ने पहले पार्थ चौधरी के साथ 44 रनों की साझेदारी निभाई और फिर अर्पित पटेल के साथ छठे विकेट के लिए बेशकीमती 49 रन जोड़े। उन्होंने महज 30 गेंदों में 65 रनों की धमाकेदार पारी खेली, जिसका स्ट्राइक रेट 216.67 का रहा। इस दौरान उनके बल्ले से 6 चौके और 4 लंबे छक्के निकले। आखिरकार हर्षवर्द्धन सिंह ने उन्हें आउट किया, लेकिन तब तक वह ग्वालियर को 190/7 के मजबूत स्कोर पर पहुंचा चुके थे।
जवाब में मालवा स्टालियंस की पूरी टीम 139 रनों पर सिमट गई और पाटीदार की टीम ने 51 रनों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। सौम्य पांडे और ईशान अफरीदी की धारदार गेंदबाजी के बीच पाटीदार को उनकी कप्तानी पारी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
आईपीएल के 'बादशाह' फिर भी टीम से बाहर क्यों
पाटीदार का टीम इंडिया से बाहर रहना इसलिए भी हैरान करने वाला है, क्योंकि आईपीएल में उनके आंकड़े किसी भी चयनकर्ता को सोचने पर मजबूर कर सकते हैं। उन्होंने इस सीजन में 501 रन बनाए और सबसे खास बात रही उनका 192.69 का स्ट्राइक रेट। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 42 छक्के जड़े, जो उनकी पावर-हिटिंग क्षमता को दर्शाते हैं।
तुलना करें तो पाटीदार का स्ट्राइक रेट श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, संजू सैमसन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे और वॉशिंगटन सुंदर जैसे नामी खिलाड़ियों से भी बेहतर रहा। अगर आईपीएल के प्रदर्शन को कसौटी माना जाता, तो पाटीदार का नाम टीम में सबसे ऊपर होना चाहिए था। मगर टीम प्रबंधन की सोच कुछ अलग नजर आई। ऐसा प्रतीत होता है कि चयनकर्ता एक ऐसे आक्रामक मध्यक्रम बल्लेबाज की तलाश में थे जो नेतृत्व की जिम्मेदारी भी संभाल सके, पर पाटीदार की जगह श्रेयस अय्यर को तरजीह दी गई।
कप्तानी की रेस और बदलते समीकरण
टी20 टीम के ऐलान से पहले मीडिया रिपोर्ट्स में जोरशोर से यह चर्चा थी कि सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाया जा सकता है और रजत पाटीदार कप्तानी के बड़े दावेदार बनकर सामने आए हैं। शनिवार को जब आधिकारिक ऐलान हुआ, तो सूर्या को कप्तान पद से हटा तो दिया गया, मगर उनकी जगह श्रेयस अय्यर को कमान सौंप दी गई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पाटीदार को कप्तानी तो दूर, 15 सदस्यीय टीम में भी जगह नहीं मिली। चयनकर्ताओं का यह फैसला इशारा करता है कि वे टीम में कुछ खास भूमिकाओं के लिहाज से खिलाड़ियों को चुन रहे हैं। हो सकता है पाटीदार की बेखौफ बल्लेबाजी उस सांचे में फिट न बैठी हो, या फिर अय्यर का अनुभव उन पर भारी पड़ गया हो।
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