भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने की दहलीज पर खड़े वैभव सूर्यवंशी इन दिनों चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। महज 15 साल और 71 दिन की उम्र में सीनियर टीम में जगह बनाकर इस युवा बल्लेबाज ने महान सचिन तेंदुलकर के दशकों पुराने रिकॉर्ड को चुनौती दे दी है। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए 'ऑरेंज कैप' जीतकर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का लोहा मनवाने वाले वैभव अब आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे पर नजर आएंगे।
उनके इस ऐतिहासिक चयन के बीच पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने प्रशंसकों और विशेषज्ञों से अपील की है कि वे इस उभरते सितारे पर उम्मीदों का अनावश्यक बोझ न डालें और उसे मैदान पर अपनी नैसर्गिक प्रतिभा के साथ खुलकर खेलने दें।
गांगुली ने क्या कहा
पीटीआई से बातचीत में सौरव गांगुली ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमें उसे उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए। वह अभी केवल 15 साल का बच्चा है और मुझे नहीं लगता कि वह दबाव के बारे में बहुत अधिक सोचता होगा। आईपीएल में हमने उसकी निडरता देखी है। हालांकि, भारत के लिए खेलना एक अलग अनुभव है और वह उन दौरों पर जा रहा है जहां पिचें काफी अलग होंगी।'
गांगुली का मानना है कि वैभव में अपार प्रतिभा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत में ही उससे तुरंत चमत्कार की उम्मीद करना ठीक नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा, 'उसे बस जमने का मौका दें। भारत में कई अन्य खिलाड़ियों की तरह उसके पास भी जबरदस्त टैलेंट है, इसलिए उम्मीदों का बोझ डालकर उसे परेशान न करें।'
आईपीएल की सनसनी रहे वैभव
आईपीएल 2026 की सनसनी और 'ऑरेंज कैप' विजेता वैभव सूर्यवंशी के चयन को लेकर कोई संशय नहीं था, क्योंकि उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए मैदान पर तबाही मचा दी थी। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया के बड़े-बड़े गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए सीजन में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए और 'ऑरेंज कैप' अपने नाम की।
उनकी बल्लेबाजी की सबसे खास बात उनका स्ट्राइक रेट रहा। वैभव ने 237.3 की जबरदस्त दर से रन बटोरे, जिसमें एक शानदार शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे। इसी विस्फोटक प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज के लिए सीनियर टीम में शामिल करने को मजबूर कर दिया।
निशाने पर सचिन का 35 साल पुराना रिकॉर्ड
क्रिकेट इतिहास में जब भी कम उम्र में डेब्यू की बात होती है, तो सबसे पहले महान सचिन तेंदुलकर का नाम सामने आता है। साल 1989 में सचिन ने 16 साल की उम्र में पाकिस्तान के खतरनाक गेंदबाजी आक्रमण (वसीम अकरम, वकार यूनुस और इमरान खान) के खिलाफ कदम रखा था। उस समय उनकी टाइमिंग और स्ट्रेट ड्राइव ने दुनिया को बता दिया था कि क्रिकेट को एक नया सितारा मिल चुका है।
अब 35 साल बाद वैभव सूर्यवंशी उस कीर्तिमान को तोड़ने के बेहद करीब हैं। यदि 26 जून को आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में वह मैदान पर उतरते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले भारत के सबसे युवा खिलाड़ी बन जाएंगे। उस वक्त उनकी उम्र महज 15 साल और 3 महीने होगी, जो सचिन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगी।
आयरलैंड और इंग्लैंड में असली परीक्षा
वैभव के लिए असली इम्तिहान अब शुरू होगा। भारतीय टीम को 26 और 28 जून को आयरलैंड में दो टी20 मैच खेलने हैं, जिसके तुरंत बाद 1 जुलाई से 11 जुलाई के बीच इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज होनी है। आईपीएल की सपाट पिचों पर छक्के उड़ाना एक बात है, लेकिन यूनाइटेड किंगडम की तेज और सीम लेती पिचों पर खुद को साबित करना बिल्कुल अलग चुनौती होगी।
ताजपुर के एक छोटे से गांव से निकलकर लॉर्ड्स और डबलिन के मैदानों तक का यह सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव की 'बिग-हिटिंग' क्षमता उन्हें आधुनिक क्रिकेट का परफेक्ट खिलाड़ी बनाती है, लेकिन विदेशी परिस्थितियों में उनका फुटवर्क और स्विंग के खिलाफ तकनीक कैसी रहती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।
भारत को उम्मीद है कि वैभव न सिर्फ सचिन का रिकॉर्ड तोड़ेंगे, बल्कि भारतीय बल्लेबाजी के भविष्य के मजबूत स्तंभ के रूप में भी उभरेंगे। जैसा कि गांगुली ने कहा, फिलहाल जरूरत इस बात की है कि इस 15 साल के 'वंडर किड' को बिना किसी दबाव के अपनी स्वाभाविक क्रिकेट खेलने दिया जाए।
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