शिकायत प्रक्रिया को बनाया गया सरल
सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद, जुलाई में NEET UG के संबंध में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी शिकायतों को दर्ज कराने के लिए अब HPEC पोर्टल को सक्रिय कर दिया गया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्राथमिक उद्देश्य शिकायत प्रक्रिया को सुगम और पारदर्शी बनाना है। अब प्रभावित पक्ष बिना किसी बाधा के पोर्टल के माध्यम से अपनी आपत्तियां और शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं।
दो विशेष फॉर्म का प्रावधान
हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी स्टेटस रिपोर्ट में जानकारी दी है कि शिकायत दर्ज करने का पोर्टल पूरी तरह तैयार है। इस पोर्टल के विकास की जिम्मेदारी नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) को सौंपी गई थी। समिति ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों के वर्गीकरण के लिए दो तरह के फॉर्म तैयार किए गए हैं। पहला फॉर्म उन लोगों के लिए है जो प्रदर्शन के दौरान किसी न किसी रूप में प्रभावित हुए हैं, जबकि दूसरा फॉर्म विशेष रूप से पुलिसकर्मियों के लिए बनाया गया है ताकि वे भी अपना पक्ष रख सकें।
गवाहों की सुरक्षा और गोपनीयता पर जोर
कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में यह आश्वासन दिया है कि शिकायतों, प्राप्त होने वाले सबूतों और बयानों की पूरी तरह से गोपनीयता बरती जाएगी। गवाहों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं जिससे शिकायत करने वालों को किसी भी प्रकार का खतरा न हो। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ जिसमें जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल हैं, ने गृह मंत्रालय और NIC को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पोर्टल को समिति की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाए। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि समिति को किसी भी प्रकार की संसाधन संबंधी कमी नहीं होने दी जाएगी। कोर्ट ने गृह मंत्रालय को समिति के कामकाज में हर संभव सहायता प्रदान करने का आदेश दिया है।
व्यापक स्तर पर होगा प्रचार
समिति ने बताया है कि पोर्टल के शुभारंभ की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने के लिए प्रमुख समाचार पत्रों में सार्वजनिक नोटिस जारी किए जाएंगे। यह प्रयास इसलिए किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग पोर्टल के बारे में जान सकें और अपनी बात रख सकें। ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर हुए हिंसक छात्र प्रदर्शनों की निष्पक्ष जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया था।
कमेटी का स्वरूप और कार्यक्षेत्र
यह समिति मुख्य रूप से दो प्रकार के आरोपों की समीक्षा करेगी। पहला आरोप यह है कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। दूसरा पक्ष यह है कि क्या प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों के साथ हिंसा की या उन्हें शारीरिक रूप से चोट पहुंचाई। इस महत्वपूर्ण जांच समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी कर रहे हैं। उनके अलावा समिति में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शालिंदर कौर, CBI के पूर्व निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. एल.आर. बिश्नोई सदस्य के रूप में शामिल हैं।
https://www.indiatv.in/india/national/supreme-court-hpec-portal-launched-to-register-complaints-regarding-neet-protests-know-which-allegations-committee-will-investigate-2026-10-13-1248648