राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्ष 2022 के चर्चित राजनीतिक घटनाक्रम पर खुलकर बात रखते हुए एक बड़ा बयान दिया है, जिसके बाद सियासी हलकों में हलचल मच गई है। उनका कहना है कि उस दौरान जो कुछ हुआ, वह कांग्रेस आलाकमान के खिलाफ कोई बगावत नहीं थी, बल्कि खुद उनके खिलाफ एक सोची-समझी साजिश थी।
'विधायकों की मांग में कुछ भी गलत नहीं'
गहलोत ने तर्क दिया कि अगर 100 विधायक सरकार बचाने का हवाला देते हुए अपने ही बीच से किसी को मुख्यमंत्री बनाने की मांग रखते हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। उन्होंने इस मांग को स्वाभाविक बताते हुए इसे किसी प्रकार की बगावत मानने से साफ इनकार किया।
सोनिया गांधी से मांगी थी माफी
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि विधायक दल का नेता होने के बावजूद वे प्रस्ताव पारित नहीं करा सके थे। इसी को लेकर उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से माफी मांगी थी।
अध्यक्ष पद और पायलट विवाद पर भी बोले
इस दौरान गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर उस वक्त घटे घटनाक्रम पर भी अपनी राय रखी। साथ ही उन्होंने सचिन पायलट से जुड़े विवाद पर भी अपना पक्ष स्पष्ट किया।
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