एक महीने बाद फिर लौटी रफ्तार
पूर्वी बिहार की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर एक बार फिर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। करीब एक महीने तक बंद रहने के बाद इस सेतु के चालू होते ही अंग क्षेत्र और सीमांचल के लाखों लोगों ने राहत की सांस ली है। पुल खुलते ही लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई और आम जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य ढर्रे पर लौटने लगा है।
4 मई की रात क्षतिग्रस्त हुआ था हिस्सा
उल्लेखनीय है कि 4 मई की रात करीब 11:45 बजे विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही जिला और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर पुल पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई थी।
इसके चलते भागलपुर के साथ-साथ सीमांचल और अंग क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। सेतु बंद होने से कारोबारी गतिविधियों पर असर पड़ा और आने-जाने के लिए लोगों के पास नाव ही एकमात्र सहारा बचा था।
सरकार ने गंभीरता से लिया मामला
पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और इसके समाधान के लिए केंद्र सरकार तथा संबंधित एजेंसियों से संपर्क किया गया। इसके बाद बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीम भागलपुर पहुंची और मरम्मत के काम में जुट गई। टीम ने दिन-रात मेहनत करते हुए क्षतिग्रस्त हिस्से पर चार बेली ब्रिज तैयार किए, जिससे पुल को दोबारा चालू किया जा सका।
छोटे वाहनों को मिली अनुमति
करीब एक महीने के इंतजार के बाद पथ निर्माण विभाग के मंत्री, विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन की मौजूदगी में बेली ब्रिज का उद्घाटन किया गया। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद पुल पर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई। हालांकि अभी कुछ नियमों और शर्तों के तहत ही वाहनों को गुजरने की इजाजत दी गई है। पुल खुलने के बाद पहली बार सफर करने वाले लोगों ने केंद्र और राज्य सरकार, जिला प्रशासन तथा BRO की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
सुरक्षा के लिए लागू किए गए कई नियम
लोगों का कहना है कि विक्रमशिला सेतु के दोबारा चालू होने से भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा और आसपास के जिलों के बीच आवाजाही फिर आसान हो गई है। वहीं BRO के अधिकारियों ने बताया कि पुल की मरम्मत चुनौतीपूर्ण थी, फिर भी टीम ने कम समय में काम पूरा कर दिखाया। उन्होंने इस दौरान बिहार के लोगों के धैर्य और सहयोग की भी सराहना की।
24 घंटे तैनात रहेगा पुलिस बल
फिलहाल सेतु पर वन-वे व्यवस्था लागू रहेगी और वाहनों की रफ्तार भी तय कर दी गई है। पुल की रोजाना निगरानी की जाएगी, जिसके लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही यहां 24 घंटे पुलिस बल की तैनाती रहेगी।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने लोगों से अपील की है कि वे बिना किसी डर के पुल का इस्तेमाल करें, लेकिन सभी सुरक्षा नियमों का पालन जरूर करें। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सेतु की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।
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