रूस की परमाणु धमकी के बाद ट्रंप का कड़ा कदम, पोलैंड में अमेरिकी सैन्य अड्डा बनाने की तैयारी

रूस की हालिया परमाणु चेतावनी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोलैंड में अमेरिकी सैन्य बेस स्थापित करने के संकेत दिए हैं। बाल्टिक क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि इस दिशा में उनके निर्णय पहले ही लिए जा चुके हो सकते हैं।

पोलैंड में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी

यूरोप में रूस और नाटो के बीच गहराते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि उनका प्रशासन पोलैंड में एक स्थायी अमेरिकी सैन्य बेस बनाने की योजना पर काम कर रहा है। टेक्सास की अपनी यात्रा से ठीक पहले संवाददाताओं से चर्चा करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन के भीतर इस प्रस्ताव पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है। पोलैंड के साथ अपने संबंधों को विशेष महत्व देते हुए ट्रंप ने कहा कि पोलैंड के राष्ट्रपति के प्रति उनके मन में बहुत सम्मान है और इस कारण से वहां सैन्य बेस बनाने की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता।

फैसला पहले ही हो चुका है या नहीं?

जब पत्रकारों ने ट्रंप से यह सवाल पूछा कि पोलैंड में सैन्य अड्डा बनाने को लेकर अब तक कोई अंतिम फैसला क्यों नहीं लिया गया है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति का जवाब काफी रहस्यमयी था। उन्होंने उल्टा सवाल करते हुए कहा कि किसी को यह नहीं पता है कि उन्होंने इस विषय पर निर्णय ले लिया है या नहीं। ट्रंप ने कहा, आपको नहीं पता कि मैंने फैसला लिया है या नहीं। हो सकता है मैंने इस पर फैसला पहले ही ले लिया हो। उन्होंने अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि उन्हें पोलैंड देश बहुत पसंद है, जो इस संभावित सैन्य तैनाती के पीछे एक बड़ा कारण हो सकता है।

कलिनिनग्राद को लेकर रूस की परमाणु धमकी

यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब रूस और नाटो के बीच कलिनिनग्राद के मसले पर तनातनी अपने चरम पर है। 30 सितंबर को सामने आए एक महत्वपूर्ण राजनयिक दस्तावेज में रूस ने नाटो देशों को खुली चेतावनी दी है। रूस का कहना है कि यदि नाटो ने कलिनिनग्राद को रूस के मुख्य भूभाग से अलग करने या उसकी घेराबंदी करने का दुस्साहस किया, तो रूस अपने पास मौजूद तमाम सैन्य विकल्पों का उपयोग करेगा। रूस ने स्पष्ट किया है कि इन विकल्पों में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल भी शामिल हो सकता है। बता दें कि कलिनिनग्राद बाल्टिक सागर के तट पर स्थित रूस का एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो पोलैंड और लिथुआनिया के बीच स्थित है और भौगोलिक रूप से रूस के मुख्य हिस्से से कटा हुआ है। इस क्षेत्र में रूस की विशाल सैन्य ताकत तैनात है।

यूक्रेन युद्ध और सहयोगियों पर ट्रंप का रुख

अपनी बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बारे में भी टिप्पणी की। उन्होंने बहुत संक्षिप्त और आत्मविश्वास भरी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें यकीन है कि इस संघर्ष का समाधान जल्द ही निकल आएगा। इराक से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद दुनिया भर में अमेरिकी सहयोगियों के बीच पैदा हुए भरोसे के संकट के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने सहयोगियों को बिल्कुल अकेला नहीं छोड़ेगा और उनका साथ देना जारी रखेगा।

दक्षिण अमेरिका और ब्राजील पर नजर

डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत का रुख बदलते हुए ब्राजील के चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की नजर ब्राजील में हो रहे चुनावों पर बहुत करीब से टिकी है। उन्होंने ब्राजील की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा कि ब्राजील एक शानदार देश है और वहां के लोग बेहतरीन हैं। दक्षिण अमेरिका में अपनी भावी सैन्य योजनाओं पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन फिलहाल कई तरह के विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका के वर्तमान में अन्य देशों के साथ संबंध काफी बेहतर चल रहे हैं, जिसे भविष्य की कूटनीतिक और सैन्य रणनीतियों में आधार के रूप में देखा जा रहा है।

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