कैंची धाम के पास जमीन के खेल से हड़कंप
नैनीताल स्थित नीम करौली बाबा के प्रसिद्ध कैंची धाम में इन दिनों जमीन को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। जैसे-जैसे इस आध्यात्मिक स्थल पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ रही है, आसपास की जमीनों के दाम आसमान छू रहे हैं। इसी उछाल का फायदा उठाने के लिए भू-माफिया सक्रिय हो गए हैं और अब बेशकीमती जमीन को हथियाने के लिए फर्जीवाड़े का सहारा ले रहे हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत कुमाऊं कमिश्नर तक पहुंचाई गई है।
मृतक को बनाया वारिस
जांच में जो खुलासा हुआ है, वह काफी चौंकाने वाला है। मामले के अनुसार, मंदिर के ठीक सामने स्थित जमीन को अपने नाम करने के लिए एक व्यक्ति ने खुद को केशवदत्त का वारिस बताकर राजस्व रिकॉर्ड यानी खतौनी में अपना नाम दर्ज करवा लिया। सरकारी दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल करने पर पता चला कि केशवदत्त का निधन तो वर्ष 1983 में ही हो चुका था। यानी जिस व्यक्ति को मृत हुए 43 साल बीत चुके हैं, उसे जालसाजों ने कागजों में जीवित दिखाकर अपनी साजिश रची।
फर्जी दस्तावेजों का जाल
प्राथमिक जांच में यह बात स्पष्ट हुई है कि इस पूरे खेल को अंजाम देने के लिए फर्जी आधार कार्ड और जाली मृत्यु प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल किया गया। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इस मृत व्यक्ति को वर्ष 2026 में वारिसान के रूप में दर्ज कराया गया, जो भविष्य की तारीख है। यह पूरी प्रक्रिया जमीन के मालिकाना हक को बदलने और उसे अवैध रूप से बेचने की मंशा से की गई थी। अब स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारी इस फर्जीवाड़े की गहन जांच कर रहे हैं ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
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