गिरोह का खुलासा और गिरफ्तारी
बारां जिले में साइबर अपराध का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया है। पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक डॉक्टर, एक कंप्यूटर इंजीनियर और एक फिजियोथेरेपिस्ट शामिल हैं। ये सभी आरोपी कमीशन के लालच में आकर ठगों की मदद कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, ये लोग साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते और सिम कार्ड मुहैया कराते थे, जिसके बदले में उन्हें मोटी रकम का कमीशन मिलता था।
करोड़ों का संदिग्ध लेन-देन
जांच में पता चला है कि फिजियोथेरेपिस्ट राज पडसाला ने अपनी फर्म का बैंक खाता साइबर गिरोह को इस्तेमाल करने के लिए दिया था। इसके एवज में उसे 2 से 3 प्रतिशत तक का कमीशन मिलता था। पुलिस की छानबीन में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सिर्फ 10 से 15 दिनों की अवधि में ही उस खाते के जरिए 3 से 4 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया गया था। यह पूरा नेटवर्क बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था।
नेपाल कनेक्शन और पुलिस कार्रवाई
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी बैंक किट और सिम कार्ड लेकर नेपाल तक पहुंच गए थे, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें। इस पूरे मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पीड़ित व्यापारी को 10 लाख रुपये वापस दिलाए हैं, जबकि खातों में मौजूद करीब 20 लाख रुपये की राशि को होल्ड करवा दिया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।
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