खाना खाने के बाद सीने में क्यों होती है जलन? विशेषज्ञ से जानें इसकी गंभीर वजह और बचाव के उपाय

भोजन के बाद छाती में होने वाली जलन को अक्सर सामान्य गैस समझकर अनदेखा कर दिया जाता है, लेकिन यह GERD जैसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टर ने इसके कारणों और सावधानी बरतने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।

क्या आपको भी भोजन के बाद सीने में जलन महसूस होती है?

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खानपान के चलते छाती में जलन होना एक बेहद आम समस्या बन गई है। अधिकतर लोग इसे साधारण अपच या गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, बार-बार होने वाली यह परेशानी आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है। फोर्टिस अस्पताल, मानेसर में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ अभिनंदन मिश्र के अनुसार, इस समस्या को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।

सीने में जलन का मुख्य कारण क्या है

डॉक्टरों का मानना है कि इस स्थिति के पीछे का सबसे बड़ा कारण GERD यानी गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज हो सकता है। इस बीमारी में पेट में बनने वाला एसिड वापस भोजन नली यानी फूड पाइप में चला जाता है। इसके कारण सीने के बीच में असहज जलन महसूस होती है, मुंह में खट्टा स्वाद आने लगता है या खाया हुआ भोजन गले तक वापस महसूस होता है। जब हम पेट भरकर भोजन करते हैं, तो पेट के अंदर का दबाव बढ़ जाता है, जिससे यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। देर रात तक खाना, चॉकलेट, कैफीन का अधिक सेवन या खाना खाते ही लेट जाना इस परेशानी को बढ़ावा देते हैं।

छाती में जलन के प्रमुख कारण

  • मसालेदार और तला-भुना भोजन: अधिक मिर्च-मसाले और तेल युक्त खाना पेट में एसिड की मात्रा को बहुत बढ़ा देते हैं, जो नली के वॉल्व को ढीला कर देता है।
  • खाना खाते ही सो जाना: भोजन करने के तुरंत बाद बिस्तर पर लेटने से गुरुत्वाकर्षण के कारण एसिड को ऊपर आने का मौका मिल जाता है।
  • जरूरत से ज्यादा खाना: एक बार में बहुत अधिक भोजन करने से पेट पर दबाव पड़ता है, जिससे एसिड वापस ऊपर की तरफ आता है।
  • कैफीन, शराब और सिगरेट: कॉफी, चाय, कोल्ड ड्रिंक्स के साथ ही शराब और सिगरेट का सेवन करना LES वॉल्व को कमजोर बना देता है।
  • मोटापा और शारीरिक दबाव: अत्यधिक वजन या गर्भावस्था के कारण पेट के अंदर दबाव बढ़ जाता है, जो एसिड रिफ्लक्स का मुख्य कारण बनता है।

इसे नजरअंदाज करना क्यों खतरनाक है

यदि आपको सप्ताह में दो या उससे अधिक बार यह समस्या हो रही है, तो इसे केवल सामान्य गैस मानकर छोड़ना सही नहीं है। लंबे समय तक GERD का इलाज न करवाने से भोजन नली में सूजन, घाव या नली के सिकुड़ने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। कुछ मामलों में यह बैरेट्स एसोफैगस जैसी स्थिति पैदा कर सकता है, जो भविष्य में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के जोखिम को भी बढ़ा सकता है। डॉक्टर की सलाह है कि सोने और भोजन करने के बीच कम से कम दो से तीन घंटे का अंतर रखें, ओवरईटिंग से बचें और उन खाद्य पदार्थों की पहचान करें जिनसे आपको अक्सर जलन महसूस होती है।

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