टाटा मोटर्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने स्पष्ट किया है कि कंपनी कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन पर आधारित तकनीकों में आगे भी पूंजी लगाती रहेगी। उनका मानना है कि स्वच्छ परिवहन की दिशा में बढ़ने के लिए किसी एक ही तकनीक पर टिके रहना सही नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और अधिक स्वच्छ आंतरिक दहन इंजन (ICE) तकनीक का संतुलित इस्तेमाल जरूरी है। वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और एआई तेजी से ट्रांसपोर्ट उत्पादों के डिजाइन, उपयोग और सर्विसिंग के तरीके को बदल रहे हैं।
इलेक्ट्रिक कमर्शियल गाड़ियों का दायरा बढ़ा रही कंपनी
चंद्रशेखरन के अनुसार, स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ता रुझान, सुरक्षा को लेकर लोगों की बढ़ती उम्मीदें और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में आ रहे बदलाव प्रतिस्पर्धा के मायने नए सिरे से तय कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि टाटा मोटर्स शून्य उत्सर्जन वाली इलेक्ट्रिक कमर्शियल गाड़ियों के पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। इसके साथ-साथ कंपनी भारी वाहनों के लिए हाइड्रोजन आधारित तकनीक विकसित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
कमर्शियल गाड़ियों की सुरक्षा पर खास फोकस
चेयरमैन का कहना है कि आने वाले समय की सुरक्षित, कुशल और स्मार्ट परिवहन व्यवस्था के लिए कनेक्टेड व्हीकल्स, एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस प्रणाली (ADAS), डेटा आधारित फ्लीट सेवाएं और नई पावरट्रेन तकनीक अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता कंपनी की लाभदायक विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में सहायक साबित होगी।
वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड राजस्व
देश की इस अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनी का उद्देश्य उभरते परिवहन रुझानों को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर पूंजी निवेश करना और उद्योग में अग्रणी विकास, लाभप्रदता तथा बेहतर रिटर्न सुनिश्चित करना है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में टाटा मोटर्स ने 83,855 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष के 76,359 करोड़ रुपये की तुलना में 9.8 प्रतिशत अधिक है।
पुराने बस-ट्रक बदलने पर लोन पर 5% ब्याज सब्सिडी
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय कैबिनेट ने हाल ही में दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के मकसद से 5041 करोड़ रुपये की एक विशेष योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों और बसों को बदलकर नई BS-VI और इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने वाले मालिकों को आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा। योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार 5 साल के लिए लोन पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, गाड़ियों की श्रेणी के आधार पर 5 साल तक 4800 रुपये तक के मासिक फ्यूल वाउचर, कंपनियों की ओर से छूट और इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर एकमुश्त लाभ प्रदान करेगी।
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