स्कूल में फेल होने वाले मोहिबुल्लाह अंसारी कैसे बने IPS, अब अमेरिका में मिलेगा 'द एशियन हीरो अवार्ड 2026'

स्कूल के दिनों में प्री-बोर्ड परीक्षा में फेल होने वाले मोहिबुल्लाह अंसारी की कहानी प्रेरणादायक है, जिन्होंने अपनी मेहनत से IIT दिल्ली तक का सफर तय किया और फिर IPS अफसर बनकर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने जा रहे हैं।

असफलता से सफलता का सफर

अक्सर यह माना जाता है कि जो छात्र बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहे हैं, वही आगे चलकर प्रशासनिक सेवाओं में ऊंचे पदों पर पहुंचते हैं। लेकिन बिहार के मुजफ्फरपुर में सिटी एसपी के पद पर तैनात आईपीएस मोहिबुल्लाह अंसारी ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि शुरुआती दौर की नाकामी भविष्य की ऊंचाइयों को तय नहीं करती। कभी 10वीं और 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाओं में फेल होने वाले मोहिबुल्लाह अंसारी ने न केवल IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की, बल्कि देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में भी जीत का परचम लहराया। आज उनकी मेहनत और ईमानदारी के चर्चे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेश में भी हो रहे हैं और जल्द ही उन्हें अमेरिका में एक प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

पिता की डांट बनी प्रेरणा का स्रोत

बिहार के सिवान जिले के रहने वाले मोहिबुल्लाह अंसारी का शुरुआती स्कूली सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा था। उनकी शिक्षा के शुरुआती सालों में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा और वह 10वीं व 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाओं में सफल नहीं हो सके। इस असफलता के बाद उन्हें अपने पिता की कठोर फटकार और तानों का सामना करना पड़ा। उनके पिता ने उनसे कहा था कि जो लड़का साधारण परीक्षाएं पास नहीं कर पा रहा, वह IIT जाने के बड़े सपने कैसे देख सकता है। यह कड़वी बातें मोहिबुल्लाह के दिल पर गहरी चोट कर गईं। उन्होंने पिता की डांट को अपनी हार नहीं, बल्कि एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने खुद को सुधारा, अपनी कमजोरियों पर कड़ी मेहनत की और अंततः साल 2011 में JEE परीक्षा उत्तीर्ण कर IIT दिल्ली के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में दाखिला लिया।

कॉर्पोरेट की चकाचौंध को दी विदाई

IIT दिल्ली से अपनी बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद मोहिबुल्लाह ने एक आईटी कंपनी में नौकरी ज्वाइन की, जहां उन्हें एक अच्छी सैलरी भी मिल रही थी। हालांकि, उनका मन कॉर्पोरेट जीवन की चकाचौंध में कभी नहीं रमा। उन्हें हमेशा महसूस होता था कि उनका लक्ष्य कुछ और है और वह समाज के प्रति अपनी जवाबदेही पूरी करना चाहते हैं। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने अपनी मोटी सैलरी वाली नौकरी को छोड़ने का साहसी निर्णय लिया और यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। उन्होंने साल 2015 में दिल्ली आकर सिविल सेवा की राह चुनी। हालांकि, इस सफर की शुरुआत भी आसान नहीं थी और उन्हें कुछ असफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी सीएसई को सफलतापूर्वक क्रैक किया और आईपीएस अधिकारी बन गए।

अमेरिका में मिलेगा अंतरराष्ट्रीय सम्मान

वर्तमान में मुजफ्फरपुर में सिटी एसपी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे मोहिबुल्लाह अंसारी को उनकी ईमानदार पुलिसिंग और समाज के प्रति समर्पण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जा रहा है। उनके काम और बेदाग छवि का ही परिणाम है कि उन्हें अमेरिका में सम्मानित किया जाएगा। 13 दिसंबर 2026 को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित टाम्पा में आयोजित होने वाले 7वें वर्ल्ड फेयर एंड फेस्टिवल के दौरान उन्हें 'द एशियन हीरो अवार्ड 2026' से नवाजा जाएगा। यह सम्मान उन्हें 'एसोसिएशन ऑफ वर्ल्ड फेयर एंड फेस्ट यूएसए इंक' द्वारा दिया जा रहा है।

युवाओं के लिए एक बड़ी सीख

मोहिबुल्लाह अंसारी की जीवन यात्रा उन युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश है जो जीवन में छोटी-मोटी असफलताओं से घबराकर हिम्मत हार जाते हैं। उनका सफर यह स्पष्ट करता है कि यदि इरादे मजबूत हों और अपनी गलतियों से सीखकर लगातार आगे बढ़ने का जज्बा हो, तो दुनिया की कोई भी रुकावट सफलता पाने से नहीं रोक सकती। प्री-बोर्ड परीक्षा में फेल होने से लेकर अमेरिका के मंच तक का उनका सफर यह साबित करता है कि सफलता समय और निरंतर मेहनत की मांग करती है। जो भी व्यक्ति इन चुनौतियों पर खरा उतरता है, वही इतिहास रचता है और समाज के लिए एक मिसाल बनता है।

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