बिली जीन किंग कप: स्पेन का 18 साल का लंबा इंतजार खत्म, कजाकिस्तान को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह

स्पेन की टेनिस टीम ने कजाकिस्तान को 2-1 से हराकर बिली जीन किंग कप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। 2008 के बाद पहली बार अंतिम चार में पहुंची स्पेनिश टीम ने क्रिस्टीना बुका और सारा सोरिबेस टॉर्मो के दमदार प्रदर्शन की बदौलत जीत हासिल की।

स्पेन ने तोड़ा सेमीफाइनल का सूखा

टेनिस की दुनिया के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट बिली जीन किंग कप में स्पेन की महिला टीम ने आखिरकार लंबे अरसे का सूखा समाप्त कर दिया है। पांच बार की वर्ल्ड चैंपियन रही स्पेनिश टीम ने शेनझेन में खेले गए एक बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान को 2-1 के अंतर से पराजित किया। इस जीत के साथ ही स्पेन ने वर्ष 2008 के बाद पहली बार टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। अंतिम चार का सफर तय करने में निर्णायक डबल्स मुकाबले की भूमिका सबसे अहम रही, जहां क्रिस्टीना बुका और सारा सोरिबेस टॉर्मो की जोड़ी ने दबाव के क्षणों में धैर्य बनाए रखा और टीम को जीत की दहलीज पार कराई।

क्रिस्टीना बुका की शानदार वापसी

स्पेन की इस ऐतिहासिक जीत के नायक के रूप में क्रिस्टीना बुका का नाम सामने आया है। दिलचस्प बात यह है कि बुका ने अपना सिंगल्स मुकाबला गंवाने के तुरंत बाद कोर्ट पर दोबारा कदम रखा और डबल्स मुकाबले में हिस्सा लिया। थकावट और हार का दबाव होने के बावजूद उन्होंने सारा सोरिबेस टॉर्मो के साथ मिलकर कजाकिस्तान की अन्ना डेनिलिना और जिबेक कुलाम्बायेवा की जोड़ी का सामना किया। इस डबल्स मैच में स्पेनिश जोड़ी ने 6-2, 7-5 के स्कोर के साथ जीत दर्ज कर स्पेन को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया।

इससे पहले, स्पेन को शुरुआती बढ़त जेसिका बुजा मानेइरो ने दिलाई। उन्होंने सोनजा जियेनबायेवा के खिलाफ कोर्ट पर उतरते ही अपना दबदबा कायम रखा और महज 62 मिनट के खेल में 6-2, 6-2 से मुकाबला अपने नाम किया। मैच के पहले गेम में ही सर्विस ब्रेक करने वाली मानेइरो ने पांचवें गेम में भी अपनी पकड़ मजबूत की। जियेनबायेवा ने 1-5 के स्कोर पर तीन सेट प्वाइंट बचाकर संघर्ष करने की कोशिश की, लेकिन मानेइरो ने सेट आसानी से जीत लिया। दूसरे सेट में भी उनका प्रदर्शन जारी रहा और लगातार 14 अंक जीतकर उन्होंने मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। बिली जीन किंग कप में यह सिंगल्स मुकाबलों में उनकी चार मैचों में तीसरी जीत दर्ज हुई है।

यूलिया पुतिंत्सेवा ने जगाई उम्मीद

कजाकिस्तान की टीम ने मैच में वापसी की पूरी कोशिश की, जिसका श्रेय यूलिया पुतिंत्सेवा को जाता है। उन्होंने क्रिस्टीना बुका को 6-2, 3-6, 6-1 से हराकर स्कोर 1-1 कर दिया था। पुतिंत्सेवा ने पहले सेट में बुका की सर्विस दो बार तोड़ी और लगातार दबाव बनाए रखा। हालांकि बुका ने दूसरे सेट में शानदार वापसी की और 3-1 की बढ़त बनाई। पुतिंत्सेवा के कड़े संघर्ष के बावजूद बुका ने एक और ब्रेक पॉइंट लेकर सेट 6-3 से अपने नाम किया। लेकिन निर्णायक सेट में पुतिंत्सेवा पूरी तरह लय में दिखीं। उन्होंने चौथे गेम में 40-15 से पिछड़ने के बाद भी वापसी की और ब्रेक हासिल किया। इसके बाद छठे गेम में एक और ब्रेक पॉइंट के साथ उन्होंने मैच जीत लिया।

इसके बाद हुआ डबल्स मुकाबला किसी बड़े तनाव से कम नहीं था। स्पेन ने शुरुआत में 4-1 की बढ़त लेकर पहला सेट 6-2 से जीता। कजाकिस्तान ने दूसरे सेट में वापसी की और 2-1 की बढ़त ली। मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया जब सातवें गेम में कजाकिस्तान को सात और 11वें गेम में छह ब्रेक पॉइंट मिले, लेकिन स्पेन की जोड़ी ने करीब 17 मिनट के कड़े संघर्ष के बाद अपनी सर्विस बचा ली और दूसरा सेट 7-5 से जीतकर क्वार्टर फाइनल अपने नाम कर लिया।

एलिना रिबाकिना की अनुपस्थिति का प्रभाव

कजाकिस्तान की इस हार में सबसे बड़ा फैक्टर एलिना रिबाकिना की कमी का महसूस होना रहा। दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी और मौजूदा US ओपन चैंपियन रिबाकिना इस महत्वपूर्ण मुकाबले का हिस्सा नहीं थीं, जिसका असर टीम के प्रदर्शन पर साफ दिखा। अब स्पेन की टीम की निगाहें सेमीफाइनल पर हैं, जहां उनका सामना 25 सितंबर को चेक रिपब्लिक से होगा। दोनों ही टीमें अब 27 सितंबर को होने वाले 2026 फाइनल्स के खिताबी मुकाबले में अपनी दावेदारी पक्की करने के लिए जोर लगाएंगी।

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