डिजिटल युग में असाइनमेंट तैयार करना हो, कोडिंग करनी हो या किसी मुश्किल सवाल का हल खोजना हो—ChatGPT आज स्टूडेंट्स के लिए एक बड़ा सहारा बन चुका है। लेकिन सोचिए, अगर परीक्षा के बीच घबराहट में आप AI से सीधा जवाब मांगें और वह मदद देने से ही इनकार कर दे, तो कैसा रहेगा? ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला और मजेदार किस्सा इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रहा है। एक स्टूडेंट ने ऑनलाइन एग्जाम के दौरान चैटबॉट से मदद मांगी तो उसने न सिर्फ उसकी चोरी पकड़ ली, बल्कि जवाब देने के बजाय उसे नैतिकता का पाठ पढ़ा दिया।
यह वाकया तब चर्चा में आया जब प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर पुष्पांजलि सिंह नाम की यूजर ने इसका स्क्रीनशॉट साझा किया। उन्होंने एक मोबाइल स्क्रीनशॉट पोस्ट किया, जिसमें साफ नजर आ रहा है कि ChatGPT ने अपनी ‘एकेडमिक डिसऑनेस्टी’ यानी शैक्षणिक बेईमानी रोकने वाले नियमों का हवाला देते हुए स्टूडेंट को खाली हाथ लौटा दिया। पोस्ट के वायरल होते ही इंटरनेट पर ‘यह क्या व्यवहार है चैटजीपीटी?’ जैसे मीम्स और मजेदार कमेंट्स की बाढ़ आ गई।
‘लाइव असेसमेंट में नहीं दूंगा जवाब’—ChatGPT ने बदला रुख
वायरल स्क्रीनशॉट में दिख रहा है कि जैसे ही स्टूडेंट ने परीक्षा का सवाल चैटबॉट के सामने रखा, AI ने जवाब में लिखा—‘ऐसा लग रहा है कि आप अभी किसी एक्टिव क्विज या एग्जाम के बीच में हैं। मैं लाइव असेसमेंट वाले सवाल का सीधा जवाब नहीं दे सकता। हां, अगर आप चाहें तो मैं इसे सामान्य टोन में जरूर समझा सकता हूं।’ इस जवाब से साफ है कि ChatGPT अब इतना समझदार हो चुका है कि वह सवालों के पैटर्न से ही भांप लेता है कि मामला किसी लाइव टेस्ट का है।
लिंक्डइन पर मचा तहलका, यूजर बोले—‘इंटरव्यू में ऐसा हुआ तो?’
पुष्पांजलि सिंह ने यह स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कैप्शन में लिखा, ‘स्टूडेंट ने ऑनलाइन परीक्षा के बीच में चैटजीपीटी से मदद मांगी और उसने मना कर दिया।’ इसके साथ ही उन्होंने चुटकी लेते हुए जोड़ा, ‘Haww… सोचो क्या होगा अगर आपके अगले जॉब इंटरव्यू के दौरान आपके साथ ऐसा हो जाए?’ उनकी इस मजेदार पोस्ट ने देखते ही देखते प्लेटफॉर्म पर हलचल मचा दी और हजारों प्रोफेशनल्स अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे।
नेटिजंस के मजेदार कमेंट्स: ‘प्रीमियम वर्जन नहीं होगा भाई’
इस रिजेक्शन को देखकर जहां कुछ स्टूडेंट्स सहम गए, वहीं ज्यादातर यूजर्स ने इसका भरपूर मजा लिया। एक यूजर ने हंसते हुए लिखा, ‘पक्का स्टूडेंट बिना प्रीमियम सब्सक्रिप्शन के सवाल पूछ रहा होगा, पैसे दिए होते तो जवाब मिल जाता।’ वहीं एक अन्य यूजर ने जुगाड़ू सलाह देते हुए कहा, ‘यह सिर्फ प्रॉम्प्ट की गलती है भाई! अगली बार चैटजीपीटी को यह मत बताना कि तुम एग्जाम दे रहे हो, बस सीधे सवाल पूछना।’
‘क्वेश्चन पेपर भी तो चैटजीपीटी ने ही बनाया है!’
बहस के बीच एक यूजर ने तो पूरे सिस्टम पर ही एक अलग थ्योरी पेश कर दी। उसने लिखा कि चैटजीपीटी को सब पता है, क्योंकि आजकल प्रोफेसर भी क्वेश्चन पेपर बनाने के लिए इसी का इस्तेमाल कर रहे हैं; ऐसे में उसे अपने ही बनाए सवाल याद आ गए होंगे। वहीं एक अन्य यूजर ने नाराजगी भरे मजाकिया अंदाज में लिखा कि यह चैटजीपीटी दिन-ब-दिन बदतमीज और संस्कारी होता जा रहा है।
इंटरव्यू में AI के सहारे पर भी खिंचाई
मजाक से हटकर कुछ गंभीर कमेंट्स भी सामने आए। एक यूजर ने लिखा कि अगर मुझे अपना जॉब इंटरव्यू क्लियर करने के लिए भी चैटजीपीटी की जरूरत पड़ रही है, तो इसका मतलब है कि मैं उस नौकरी के लायक ही नहीं हूं। बहरहाल, इस वायरल पोस्ट ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि AI कंपनियां अब अपनी गाइडलाइंस को लेकर बेहद सख्त होती जा रही हैं और आने वाले समय में परीक्षाओं के दौरान AI के जरिए होने वाली ‘स्मार्ट चैटिंग’ का दौर पूरी तरह खत्म हो सकता है।
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