जब कानून का पालन कराने वाली पुलिस पर ही कानून तोड़ने के आरोप लगें तो मामला और भी गंभीर हो जाता है। कासगंज से ऐसा ही एक प्रकरण सामने आया है, जहां सहावर थाने में तैनात कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ अदालत ने एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है।
क्या है पूरा मामला
जनपद कासगंज के सहावर थाने में तैनात कोतवाली प्रभारी निरीक्षक गोविंद बल्लभ शर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने अवैध हिरासत और फर्जी जीडी एंट्री के मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई पीड़ित की शिकायत और पुलिस अधीक्षक की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई है।
पीड़ित की शिकायत
मामले के अनुसार पीड़ित संजय ने अदालत में शिकायत दाखिल कर आरोप लगाया था कि उसे अवैध तरीके से पुलिस हिरासत में रखा गया और उसके मामले में फर्जी जीडी एंट्री की गई। इस शिकायत पर सुनवाई करते हुए सीजेएम ने पुलिस अधीक्षक से जांच रिपोर्ट तलब की थी।
जांच में सामने आया सच
एसपी द्वारा कराई गई जांच में शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए गए। जांच में यह सामने आया कि जिस समय संजय पर थाने के बाहर हंगामा करने का आरोप लगाया गया था, उस समय वह असल में थाने के अंदर पुलिस हिरासत में मौजूद था। यह तथ्य उजागर होने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए।
किन धाराओं में दर्ज होगी एफआईआर
एसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर सीजेएम कोर्ट ने सहावर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक गोविंद बल्लभ शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 127(2), 336, 337 और 344 के तहत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। अब यह मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा और संबंधित आरोपों की विस्तृत जांच की जाएगी।
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