ब्रिक्स घोषणापत्र और कूटनीतिक सफलता
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान जारी आधिकारिक घोषणापत्र में पहलगाम में हुए आतंकी हमले और सीमा पार से होने वाले आतंकवाद की खुलकर निंदा की गई है। इस घटनाक्रम ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे देश की विदेश नीति की एक बड़ी कामयाबी करार दिया है। बीजेपी का स्पष्ट मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद के खिलाफ भारत के लगातार प्रयासों को अब वैश्विक स्वीकृति मिल रही है।
आतंकवाद फैलाने वालों के लिए बड़ा झटका
जम्मू-कश्मीर बीजेपी के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने इस पूरे मामले को पाकिस्तान के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका बताया है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सदस्य देशों द्वारा पहलगाम हमले और सीमा पार आतंकवाद की सामूहिक रूप से निंदा किया जाना, भारत की कूटनीति की बड़ी जीत को दर्शाता है। अल्ताफ ठाकुर ने दावा किया कि यह उन ताकतों के लिए एक कड़ा संदेश है, जो आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति का हिस्सा बनाकर चलते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब आतंकवाद को लेकर किसी भी तरह के दोहरे मानदंडों को सहन करने के लिए तैयार नहीं है। यह पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचार की हार है।
प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक भूमिका
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 'ग्लोबल साउथ' को अधिक सुरक्षित और सहयोगी बनाने का दृष्टिकोण अब विश्व पटल पर स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिक्स के लिए भारत को सबसे भरोसेमंद विकल्प के रूप में देखा जाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत, लोकतांत्रिक मूल्यों और रणनीतिक महत्व ने ब्रिक्स जैसे समूह के भविष्य को आकार देने में भारत को एक केंद्रीय भूमिका प्रदान की है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया और चीन पर सवाल
दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के नेता गुलाम अहमद मीर ने ब्रिक्स घोषणापत्र में पहलगाम हमले की निंदा किए जाने का स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला बोला। मीर ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री चीन के लिए 'रेड कारपेट' बिछा रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि चीन ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि डेढ़-दो साल पहले हुए हमले की निंदा करना एक स्वागत योग्य कदम तो है, लेकिन चीन के साथ संबंधों के मामले में सरकार को अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए।
महबूबा मुफ्ती ने उठाए सवाल
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री के रुख पर असंतोष जाहिर किया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को दुनिया के सामने मानवाधिकारों के समर्थक देश के रूप में भारत की छवि मजबूत करने के अवसर के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मेजबान और अध्यक्ष के तौर पर जिस मजबूती के साथ प्रधानमंत्री को अपनी बात रखनी चाहिए थी, उसमें वह पीछे हटते हुए नजर आए। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने बहुत सावधानी और नपे-तुले शब्दों का प्रयोग किया, जो इस मंच के लिए पर्याप्त नहीं था।
https://www.indiatv.in/jammu-and-kashmir/condemning-pahalgam-attack-at-brics-is-a-victory-for-india-but-a-setback-for-pakistan-said-bjp-2026-09-13-1243053