केदारनाथ पैदल मार्ग पर दर्दनाक हादसा: पहाड़ी से पत्थर गिरने से यात्री की मौत, सुरक्षा कारणों से रोकी गई यात्रा

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण एक तीर्थयात्री की मौत हो गई है। इस घटना के बाद एहतियात के तौर पर प्रशासन ने यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग पर पहाड़ी से अचानक दरककर गिरे पत्थरों की चपेट में आने से एक तीर्थयात्री की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है और सुरक्षा के लिहाज से केदारनाथ यात्रा पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। पैदल मार्ग पर लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने उठाए सख्त कदम

चीरबासा हेलीपैड के पास हुए इस हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए त्वरित फैसले लिए हैं। लगातार गिरते पत्थरों और सक्रिय भूस्खलन को देखते हुए केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को गौरीकुंड में ही रोक दिया गया है। वहीं दूसरी ओर, दर्शन करके केदारनाथ धाम से वापस लौट रहे यात्रियों को सुरक्षा के लिहाज से केदारनाथ में ही ठहरने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की रेस्क्यू टीमें मौके पर मुस्तैद हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पहाड़ी से पत्थर गिरने का सिलसिला पूरी तरह से बंद नहीं हो जाता और स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक वहां चल रहे बचाव कार्य और मजदूरों के काम को भी रोक दिया गया है।

हादसे में स्थानीय नागरिक की मौत

इस हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान मोहन तिवारी के रूप में हुई है। वह रुद्रप्रयाग जिले के ही ऊखीमठ तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पठाली के रहने वाले थे। चीरबासा हेलीपैड के समीप पैदल मार्ग से गुजरते समय अचानक पहाड़ी से एक भारी पत्थर सीधे उनके ऊपर आ गिरा। चोट इतनी गंभीर थी कि मोहन तिवारी की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। मौके पर मौजूद पुलिस और बचाव दल ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है और आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

पिछले 15 दिनों में तीन लोगों ने गंवाई जान

केदारनाथ पैदल मार्ग पर पत्थरों के गिरने का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले 15 दिनों के भीतर इस मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन हादसों में अब तक कुल 3 लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही इन दर्दनाक घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की नींद उड़ा दी है। विशेष रूप से चीरबासा क्षेत्र में पत्थरों के गिरने की घटनाएं बहुत अधिक देखी जा रही हैं। चिंता की बात यह है कि इस समय क्षेत्र में बहुत अधिक बारिश नहीं हो रही है, इसके बावजूद बिना बारिश के भी पहाड़ियों से लगातार भारी पत्थर गिर रहे हैं, जिससे पैदल चलने वाले यात्रियों के लिए खतरा कई गुना बढ़ गया है।

15 सितंबर से शुरू होने जा रहा है यात्रा का दूसरा चरण

यह हादसा ऐसे समय पर हुआ है जब उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत होने वाली है। मानसून के कमजोर पड़ने के साथ ही आगामी 15 सितंबर से केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है। इसे लेकर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और जिला प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे थे। कपाट बंद होने से पहले देश-विशेष से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है और पर्यटकों ने इसके लिए अपनी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। मंदिर समिति श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था को सुगम और सरल बनाने के प्रयास कर रही है, लेकिन चीरबासा में सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। जब तक इस मार्ग को सुरक्षित नहीं कर लिया जाता, तब तक यात्रा को सुचारू रूप से चलाना बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है।

https://hindi.news18.com/news/uttarakhand/rudraprayag-kedarnath-yatra-route-falling-stones-one-traveller-dies-after-being-hit-local18-10830569.html