कोटा-नागदा रेलखंड पर रेलवे का शानदार काम, मात्र 15 दिनों में बदल दी 2.8 किलोमीटर ट्रैक की तस्वीर

कोटा मंडल में भारी बारिश के बावजूद रेलवे ने अत्याधुनिक मशीन के जरिए ट्रैक नवीनीकरण का बड़ा काम पूरा किया है। कम समय में ट्रैक बदलने का नया कीर्तिमान भी स्थापित हुआ है।

अत्याधुनिक मशीन से रफ्तार भरा काम

पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में स्थित कोटा-नागदा रेलखंड पर इन दिनों निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। यह रेलखंड रेलवे के सबसे व्यस्त मार्गों में गिना जाता है। लूनी रिच्छा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशनों के बीच ट्रैक नवीनीकरण के इस महत्वपूर्ण काम को अंजाम देने के लिए रेलवे द्वारा एसक्यूआरएस मशीन का उपयोग किया जा रहा है।

मौसम की चुनौती और सफलता

क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के बावजूद रेलवे की टीम ने अपने काम की गति कम नहीं होने दी। पिछले 15 दिनों की अवधि में रेलवे ने लगभग 2.8 किलोमीटर ट्रैक का कायाकल्प कर दिया है। इस चुनौतीपूर्ण मौसम में भी कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करना रेलवे की तकनीकी दक्षता को दर्शाता है।

ट्रैक बदलने का नया रिकॉर्ड

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी उपलब्धि तीन घंटे के ब्लॉक के दौरान हासिल हुई। रेलवे ने मात्र तीन घंटे के सीमित समय के भीतर 516 मीटर ट्रैक को सफलतापूर्वक बदलने का रिकॉर्ड बनाया है। थ्रू स्लीपर रिन्यूअल प्रक्रिया के तहत पुराने स्लीपरों को हटाकर वहां मजबूत कंक्रीट स्लीपर लगाए जा रहे हैं।

यात्रियों को क्या फायदा होगा

ट्रैक नवीनीकरण का यह कार्य ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए बेहद जरूरी है। इसके पूरा होने के बाद ट्रैक की भार सहन करने की क्षमता में काफी इजाफा होगा। इस सुधार से न केवल रेल संचालन अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगा, बल्कि भविष्य में ट्रेनों की गति और पंचुअलिटी पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ेगा।

https://hindi.news18.com/news/rajasthan/kota-kota-nagda-railway-track-renewal-sqrs-machine-safety-10829817.html