देशभर में मेडिकल सीटों का विस्तार
NEET UG 2026 में शामिल होने वाले और मेडिकल की पढ़ाई का सपना देखने वाले लाखों छात्रों के लिए एक अत्यंत उत्साहजनक खबर सामने आई है। नेशनल मेडिकल कमीशन यानी NMC ने देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में MBBS की कुल 13,186 नई सीटों को मंजूरी दे दी है। इस ताजा बदलाव के बाद अब भारत में उपलब्ध कुल MBBS सीटों की संख्या बढ़कर 1,40,214 तक पहुंच गई है। गौर करने वाली बात यह है कि इस नई सीट मैट्रिक्स से पहले देश में कुल 1,27,028 सीटें ही उपलब्ध थीं।
प्रमुख राज्यों में सीटों का हाल
सीटों में हुई इस भारी बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा लाभ कुछ प्रमुख राज्यों को मिला है। आंकड़ों पर नजर डालें तो कर्नाटक इस सूची में सबसे ऊपर है। राज्य में कुल 1,650 नई सीटें जोड़ी गई हैं, जिसके बाद वहां कुल सीटों की संख्या बढ़कर 15,745 हो गई है। कर्नाटक के 76 मेडिकल कॉलेजों में अब छात्र पहले की तुलना में अधिक आसानी से प्रवेश पा सकेंगे। इसके बाद तमिलनाडु का स्थान है, जहां 1,250 सीटें बढ़ने से कुल संख्या 14,299 हो गई है। बिहार और उत्तर प्रदेश भी पीछे नहीं हैं, जहां क्रमशः 1,240 और 1,200 नई सीटों का इजाफा हुआ है। वर्तमान स्थिति में बिहार में कुल सीटों की संख्या 4,660 और उत्तर प्रदेश में 14,400 हो गई है। यह चार राज्य—कर्नाटक, तमिलनाडु, बिहार और उत्तर प्रदेश—कुल नई सीटों में से 5,340 सीटों का बड़ा हिस्सा साझा कर रहे हैं।
अन्य राज्यों का गणित
राजस्थान और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। राजस्थान में 1,100 नई सीटों के साथ अब वहां कुल सीटें 8,280 हो चुकी हैं। तेलंगाना में 1,010 सीटों के इजाफे के बाद कुल सीटों की संख्या 10,450 तक पहुंच गई है। अन्य राज्यों के आंकड़ों की बात करें तो पश्चिम बंगाल में 975, छत्तीसगढ़ में 645, महाराष्ट्र में 550 और आंध्र प्रदेश में 525 सीटें बढ़ाई गई हैं। इसके अतिरिक्त, झारखंड और मध्य प्रदेश में भी 520-520 सीटों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कुछ राज्यों में सीमित वृद्धि
कई अन्य राज्यों में भी सीटों में बदलाव हुआ है, हालांकि वहां बढ़ोतरी का आंकड़ा अपेक्षाकृत कम है। हरियाणा में 350, केरल में 300 और गुजरात में 250 सीटें बढ़ी हैं। वहीं केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी और उत्तराखंड में 200-200 सीटें जोड़ी गई हैं। जम्मू-कश्मीर में 175 सीटों का इजाफा हुआ है। इसके अलावा असम, ओडिशा और सिक्किम में 100-100 सीटें बढ़ी हैं। चंडीगढ़, गोवा, पंजाब और त्रिपुरा के छात्रों के लिए 50-50 नई सीटें उपलब्ध कराई गई हैं। मणिपुर में 25 सीटें और हिमाचल प्रदेश में मात्र 1 सीट की बढ़ोतरी हुई है, जिससे वहां कुल सीटों की संख्या 871 हो गई है।
ये 7 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश रहे खाली
जहाँ 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नई सीटों का लाभ मिला, वहीं देश के 7 ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ इस बार सीटों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (114 सीटें), अरुणाचल प्रदेश (100 सीटें), दादरा और नगर हवेली (177 सीटें), दिल्ली (1,415 सीटें), मेघालय (250 सीटें), मिजोरम (100 सीटें) और नगालैंड (100 सीटें) शामिल हैं। इन क्षेत्रों में पुरानी सीट संख्या ही बरकरार है।
काउंसलिंग और NMC के कड़े नियम
NMC ने स्पष्ट किया है कि काउंसलिंग कराने वाली समितियों को केवल उन्हीं सीटों पर दाखिला देना है जो आधिकारिक रूप से मंजूर की गई हैं। यदि किसी समिति को सीट मैट्रिक्स में कोई भी विसंगति या अंतर नजर आता है, तो उन्हें तुरंत मामले को मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड यानी MARB के पास भेजना होगा। यह निर्देश दिया गया है कि किसी भी स्थिति में मंजूर सीटों से अधिक दाखिले नहीं किए जा सकते। यह प्रक्रिया NEET UG 2026 की काउंसलिंग के बीच अपनाई जा रही है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने दूसरे राउंड का प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट रिजल्ट पहले ही जारी कर दिया है और अब छात्रों की नजर फाइनल अलॉटमेंट लिस्ट पर है। नई सीटों के जुड़ने से अब काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल हजारों छात्रों के लिए डॉक्टर बनने का रास्ता पहले से अधिक सुगम हो गया है।
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