पश्चिम बंगाल में उपचुनाव की हलचल
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर से सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य की दो अहम सीटों, नंदीग्राम और रेजिनगर में होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है। इस चुनावी रणभूमि में अब मुकाबला त्रिकोणीय या उससे अधिक दिलचस्प होने के आसार बन रहे हैं क्योंकि प्रमुख राजनीतिक गठबंधन अब अपने पत्तों को खोल रहे हैं। हाल ही में कांग्रेस और हुमांयू कबीर की पार्टी द्वारा अपने प्रत्याशियों की घोषणा करने के बाद, अब वामपंथी दलों के गठबंधन यानी लेफ्ट फ्रंट कमेटी ने भी अपने आधिकारिक उम्मीदवारों के नामों पर से पर्दा उठा दिया है।
लेफ्ट फ्रंट ने उतारे अपने दिग्गज
लेफ्ट फ्रंट की ओर से की गई आधिकारिक घोषणा के अनुसार, नंदीग्राम और रेजिनगर सीट के लिए पार्टी ने अनुभवी चेहरों पर भरोसा जताया है। यह फैसला राज्य में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रहे वाम दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गठबंधन ने जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने वाले नेताओं को चुनावी मैदान में उतारा है ताकि मुख्य प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी चुनौती दी जा सके।
उम्मीदवारों का विवरण
लेफ्ट फ्रंट की केंद्रीय समिति द्वारा जारी सूची में निम्नलिखित उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं:
- नंदीग्राम सीट: यहाँ से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के वरिष्ठ नेता शांति गोपाल गिरी को चुनावी उम्मीदवार बनाया गया है। नंदीग्राम का चुनावी इतिहास काफी संवेदनशील रहा है, जिसे देखते हुए पार्टी ने एक ऐसे उम्मीदवार को चुना है जो स्थानीय मुद्दों पर अच्छी पकड़ रखते हैं।
- रेजिनगर सीट: मुर्शिदाबाद जिले के अंतर्गत आने वाली रेजिनगर विधानसभा सीट के लिए एडवोकेट सईद को उम्मीदवार घोषित किया गया है। वे एक कानूनी विशेषज्ञ होने के साथ-साथ क्षेत्र में सक्रिय सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं।
चुनावी मुकाबला और समीकरण
नंदीग्राम और रेजिनगर का यह उपचुनाव केवल दो सीटों का चुनाव नहीं है, बल्कि यह पश्चिम बंगाल में बदल रहे राजनीतिक समीकरणों का भी लिटमस टेस्ट माना जा रहा है। नंदीग्राम में जहां पिछली बार के चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिला था, वहीं रेजिनगर में भी वामपंथी दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इन दो सीटों के उपचुनाव में कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट के साथ-साथ अन्य क्षेत्रीय दलों के समीकरण भी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन सीटों पर होने वाला मतदान आने वाले समय में राज्य की अन्य राजनीतिक गतिविधियों की दिशा तय करने में मदद करेगा। सभी संबंधित दल अब अपने प्रचार अभियान को तेज करने की तैयारी कर रहे हैं और मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं।
https://www.indiatv.in/west-bengal/nandigram-and-rejinagar-by-elections-left-front-announces-candidates-name-2026-09-12-1242879