बद्रीनाथ तप्त कुंड में दर्दनाक हादसा, 108 डुबकी लगाने के संकल्प के बीच दो सगी बहनों की मौत

उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में स्थित तप्त कुंड में स्नान के दौरान राजस्थान की दो सगी बहनों की मौत हो गई। दोनों महिलाएं 108 डुबकी लगाने के धार्मिक संकल्प को पूरा कर रही थीं, तभी अचानक बेहोश होकर कुंड में गिर पड़ीं।

तप्त कुंड में हुई हृदयविदारक घटना

उत्तराखंड स्थित बद्रीनाथ धाम में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां पवित्र तप्त कुंड में स्नान करने उतरीं दो सगी बहनों ने दम तोड़ दिया। मृतकाओं की पहचान राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मांडल क्षेत्र के कराड़िया गांव की निवासी 73 वर्षीय रामु देवी और दाता गांव की रहने वाली 71 वर्षीय प्रेम देवी के रूप में हुई है। ये दोनों बहनें बद्रीनाथ यात्रा पर पहुंची थीं और धार्मिक परंपराओं का पालन कर रही थीं, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यही उनकी आखिरी यात्रा साबित होगी। स्नान के दौरान दोनों बहनें अचानक बेहोश हो गईं और पानी में गिर गईं। वहां मौजूद लोगों ने आनन-फानन में उन्हें बाहर निकाला और बद्रीनाथ के चिकित्सालय ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

108 डुबकी लगाने का संकल्प बना काल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्थान से करीब 100 से अधिक श्रद्धालुओं का एक दल 4 सितंबर से बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर था। इस समूह द्वारा वहां भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा था। इसी दल में शामिल चार महिलाओं ने तप्त कुंड में 108 बार डुबकी लगाने का धार्मिक संकल्प लिया था। शुक्रवार की सुबह जब रामु देवी और प्रेम देवी यह संकल्प पूरा करने के लिए कुंड में लगातार डुबकी लगा रही थीं, तभी वे अचानक अचेत होकर गिर गईं। उनके साथ मौजूद अन्य दो महिला श्रद्धालु, भगवती देवी और सोहनी देवी, फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ हैं। गौरतलब है कि यह समूह नियमित रूप से सुबह तप्त कुंड में स्नान के पश्चात भगवान बद्रीविशाल के दर्शन करने के लिए जाता था। दुखद बात यह है कि घटना के वक्त इन दोनों महिलाओं के परिजन मंदिर परिसर में दर्शन के लिए गए हुए थे।

घटना का समय और प्रशासनिक जानकारी

बद्रीनाथ थाना प्रभारी महादेव उनियाल ने इस दुखद हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे की है। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद से ही दोनों के परिजनों और पूरे गांव में मातम पसर गया है। परिवार के सदस्य बद्रीनाथ से हरिद्वार के लिए रवाना हो चुके हैं और शनिवार को हरिद्वार में ही दोनों बहनों का अंतिम संस्कार संपन्न किया जाएगा।

स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां और मौतों का कारण

प्रारंभिक पुलिस रिपोर्ट और परिस्थितियों के अनुसार, संभव है कि लगातार और जल्दी-जल्दी कुंड में डुबकी लगाने के कारण उन्हें सांस लेने में कठिनाई हुई हो। गर्म पानी के कुंड में इस प्रकार की शारीरिक क्रिया से ऑक्सीजन का स्तर कम होने, घबराहट महसूस होने और अंततः बेहोश होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। परिजनों ने इस पूरे मामले में पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है और शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की अनुमति मांगी है।

बीस साल की परंपरा और भागवत कथा

मृतका रामु देवी के दामाद विष्णु डोलिया ने भावुक होकर बताया कि उनकी सास पिछले 20 वर्षों से लगातार बद्रीनाथ धाम दर्शन करने जा रही थीं। इस बार मांडल क्षेत्र के भगवानपुरा गांव निवासी पंडित सुरेश शास्त्री द्वारा आयोजित भागवत कथा सुनने के लिए रामु देवी और उनकी छोटी बहन प्रेम देवी बद्रीनाथ पहुंची थीं। 4 सितंबर से वे प्रतिदिन सुबह कुंड में स्नान करती थीं और फिर कथा सुनने जाती थीं। नियति को कुछ और ही मंजूर था और शुक्रवार की सुबह उनका यह सफर हमेशा के लिए समाप्त हो गया।

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