पलामू के भास्कर दुबे की प्रेरणादायक कहानी: टैंक गनर से फिटनेस गुरु तक का सफर

भारतीय सेना में 21 साल तक टैंक गनर के रूप में सेवा देने के बाद, भास्कर दुबे अब पलामू में युवाओं को फिटनेस के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर एक सफल फिटनेस सेंटर खड़ा किया है।

सेना की वर्दी और टैंक गनर का जुनून

झारखंड के पलामू जिले के चन्या गांव निवासी भास्कर दुबे की जीवन यात्रा अनुशासन और दृढ़ संकल्प की एक अनूठी मिसाल है। भास्कर दुबे का बचपन से ही भारतीय सेना के प्रति गहरा लगाव था। इसी जुनून के चलते उन्होंने मात्र 17 साल की उम्र में सेना की वर्दी पहन ली थी। वर्ष 1998 में जब वह इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहे थे, उसी दौरान उनका चयन भारतीय सेना में 'टैंक गनर' के पद पर हुआ। उन्होंने सेना में कुल 21 साल तक अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा की और टैंक संचालन की जटिल जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया। उन्होंने कई युद्ध जैसी विषम परिस्थितियों का भी डटकर सामना किया, जो उनके साहस को दर्शाता है।

रिटायरमेंट और नए जीवन की शुरुआत

भास्कर दुबे ने वर्ष 2019 में सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS लेने का निर्णय लिया। इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण एक पुरानी चोट और फिटनेस के प्रति उनका गहरा जुनून था। सेना से लौटने के बाद सामान्य जीवन में तालमेल बिठाना किसी चुनौती से कम नहीं था। कुछ समय तक उन्होंने भविष्य की राह को लेकर विचार किया, लेकिन अंततः उन्होंने अपने फिटनेस के शौक को ही अपने करियर के रूप में चुनने का फैसला लिया। वर्ष 2020 में उन्होंने पलामू के पांकी रोड स्थित शिव मंदिर के समीप 'बीडी फिटनेस' नाम से एक आधुनिक जिम की स्थापना की।

कोरोना और प्रतिस्पर्धा का सामना

भास्कर दुबे के लिए यह सफर आसान नहीं रहा। जिम शुरू करते ही कोरोना महामारी का दौर आ गया और देशव्यापी लॉकडाउन ने उनके काम को बुरी तरह प्रभावित किया। साथ ही, उस दौरान पलामू शहर में 15 से 16 अन्य फिटनेस सेंटर भी खुल गए थे, जिससे बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा पैदा हो गई। शुरुआती समय में महज 100 लोगों को भी अपने साथ जोड़ पाना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण था। हालांकि, सेना में बिताए 21 वर्षों ने उन्हें धैर्य, साहस और अनुशासित रहने का जो हुनर सिखाया था, वह इस कठिन समय में उनके काम आया। उन्होंने हार नहीं मानी और पूरी मेहनत के साथ अपने सेंटर का संचालन जारी रखा।

जिम की आधुनिक सुविधाएं और समय सारणी

भास्कर दुबे ने फिटनेस और ट्रेनिंग से जुड़े नए और आधुनिक तरीकों को खुद भी सीखा और उसे अपने जिम में लागू किया। आज उनके फिटनेस सेंटर में कार्डियो, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और अत्याधुनिक मशीनों की सुविधा मौजूद है। उनके जिम में वर्तमान में लगभग 250 लोग रोजाना ट्रेनिंग के लिए आते हैं। भास्कर दुबे ने अपने सेंटर में समय का खास ध्यान रखा है ताकि सभी को सुविधा हो:

  • सुबह 05:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक सामान्य ट्रेनिंग सत्र।
  • शाम 04:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक का समय विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों के लिए आरक्षित है।
  • रात 06:00 बजे से रात 10:00 बजे तक का समय अन्य लोगों के लिए उपलब्ध रहता है।

आर्थिक आत्मनिर्भरता और युवाओं के लिए प्रेरणा

जिम की मासिक फीस उन्होंने केवल 1,200 रुपये निर्धारित की है, ताकि आम युवा भी आसानी से इसका लाभ उठा सकें। भास्कर दुबे बताते हैं कि आज वे अपने इस फिटनेस सेंटर के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 80 हजार रुपये तक की आमदनी अर्जित कर रहे हैं, जो कि एक सरकारी नौकरी के वेतन से भी कहीं अधिक है। उनके इस प्रयास से न केवल उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता मिली है, बल्कि उन्होंने कई स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मुहैया कराया है। उनके जिम में प्रशिक्षित होकर कई युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं। आज भास्कर दुबे केवल एक पूर्व सैनिक नहीं, बल्कि पलामू के युवाओं के लिए एक सच्चे आदर्श और प्रेरणा का केंद्र बन चुके हैं, जो यह साबित करते हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है।

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