अमेरिका में भारतीय कपल का बड़ा कारनामा, 190 करोड़ रुपये के दान से बनेगा AI कॉलेज

भारतीय मूल के इंजीनियर दंपत्ति अनुराधा और विकास सिन्हा ने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास को 2 करोड़ डॉलर यानी करीब 190 करोड़ रुपये की बड़ी राशि दान में दी है। इस राशि से वहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक समर्पित कॉलेज खोला जाएगा।

भारतीय प्रवासियों की बड़ी कामयाबी

अमेरिका में बसे भारतीय मूल के लोगों ने अपनी मेहनत और बुद्धिमत्ता से सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इसी कड़ी में इंजीनियर अनुराधा और विकास सिन्हा का नाम चर्चा में है। इस दंपत्ति ने यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास (UNT) को 2 करोड़ डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 190 करोड़ रुपये ($20M) की भारी-भरकम राशि दान देने का ऐलान किया है। इस ऐतिहासिक योगदान के माध्यम से यूनिवर्सिटी में एक नया कॉलेज स्थापित किया जाएगा, जो पूरी तरह से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और एडवांस्ड एनालिटिक्स को समर्पित होगा।

विकास सिन्हा का यूनिवर्सिटी से गहरा नाता

विकास सिन्हा और यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास का पुराना संबंध है। उन्होंने साल 2023 में इसी विश्वविद्यालय से अपनी पीएचडी की डिग्री हासिल की थी। इस बड़े दान के सम्मान में यूनिवर्सिटी ने भी फैसला लिया है कि नए कॉलेज का नाम अनुराधा और विकास सिन्हा कॉलेज ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड एडवांस्ड एनालिटिक्स रखा जाएगा। यह उपलब्धि न केवल इस कपल के लिए, बल्कि भारत के लिए भी गर्व का विषय है, क्योंकि एक साधारण भारतीय कॉलेज से सफर शुरू कर वे आज वैश्विक स्तर पर शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में बड़ा योगदान दे रहे हैं।

सिविल इंजीनियरिंग से टेक की दुनिया तक

विकास और अनुराधा सिन्हा की कामयाबी की नींव भारत में ही पड़ी थी। दोनों ने आंध्र प्रदेश स्थित श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उच्च शिक्षा हासिल करने के उद्देश्य से वे अमेरिका चले गए। अमेरिका पहुंचने के बाद उन्होंने फ्लोरिडा अटलांटिक यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। विकास ने अपनी अकादमिक यात्रा को आगे बढ़ाते हुए नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी और फिर बाद में UNT से शिक्षा प्राप्त की। वर्तमान में विकास सिन्हा दिग्गज टेक कंपनी ब्रॉडकॉम के मेनफ्रेम सॉफ्टवेयर डिवीजन में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

सपनों को साकार करने का नजरिया

इस बड़े योगदान के बारे में बात करते हुए विकास सिन्हा ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम थी जिसने उनके जीवन में प्रगति के सभी दरवाजे खोले। वे चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी को भी समान अवसर मिलें। विकास ने गर्व के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि यह केवल एक दान नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि प्रवासी केवल अमेरिकन ड्रीम का हिस्सा नहीं बनते, बल्कि उसे बनाने और साकार करने में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

कॉलेज की कार्यप्रणाली और उद्देश्य

नया प्रस्तावित कॉलेज दो प्रमुख डिवीजनों के अंतर्गत काम करेगा। पहला, डिवीजन ऑफ एप्लाइड इंटेलिजेंस एंड इंफॉर्मेटिक्स है, जिसका कार्य स्मार्ट सिस्टम्स को व्यावहारिक रूप से लागू करना होगा। दूसरा, डिवीजन ऑफ इंफॉर्मेशन एंड लर्निंग एप्लीकेशन्स होगा, जो यह अध्ययन करेगा कि समाज, इंसान और विभिन्न संस्थाएं किस तरह से AI तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। इस कॉलेज का प्राथमिक उद्देश्य छात्रों को केवल AI का उपभोक्ता बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें इस तकनीक को विकसित करने, समझने और जिम्मेदारी के साथ इसके उपयोग को नियंत्रित करने के काबिल बनाना है।

रिसर्च और एंडोमेंट फंड

सिन्हा दंपत्ति के 190 करोड़ रुपये के इस निवेश से 6 परमानेंट एंडोमेंट फंड का निर्माण किया जाएगा। इन फंड्स का उपयोग मेधावी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप, प्रोफेसरशिप, उन्नत रिसर्च और टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन के कार्यों के लिए किया जाएगा। साथ ही, कैंपस में अप्लाइड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस इंस्टीट्यूट भी खुलेगा, जो विश्वविद्यालय की रिसर्च को सीधे ग्लोबल टेक इंडस्ट्री से जोड़ने का काम करेगा।

दान की एक लंबी परंपरा

विकास और अनुराधा सिन्हा का यह सहयोग कोई पहली बार नहीं है। इससे पहले साल 2024 में भी उन्होंने अनुराधा और विकास सिन्हा डिपार्टमेंट ऑफ डेटा साइंस की शुरुआत के लिए बड़ी राशि दान की थी। इसके बाद 2025 में उन्होंने सिन्हा इनोवेशन लैब फॉर डेटा साइंस की स्थापना के लिए भी फंड दिया था। अब 2026 में यह 20 मिलियन डॉलर का दान, शिक्षा के क्षेत्र में किसी भारतीय प्रवासी द्वारा दिए गए सबसे बड़े और प्रभावशाली सहयोगों में से एक बन गया है।

https://hindi.news18.com/news/career/education-who-are-anuradha-vikas-sinha-indian-couple-donates-20-million-to-unt-for-ai-college-10822687.html