ठाणे में डेटा सेंटर और रिंग मेट्रो परियोजना पर आदित्य ठाकरे का बड़ा हमला, बोले- 5 लाख लीटर डीजल का भंडारण शहर के लिए खतरा

शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने ठाणे में प्रस्तावित डेटा सेंटर और रिंग मेट्रो प्रोजेक्ट का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने पर्यावरण को नुकसान और जनस्वास्थ्य के लिए खतरे का हवाला देते हुए इसे अनुचित बताया है।

ठाणे में मेगा प्रोजेक्ट्स पर सियासी घमासान

ठाणे में प्रस्तावित डेटा सेंटर और आंतरिक रिंग मेट्रो परियोजना को लेकर राजनीति गरमा गई है। शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने बालकुम इलाके में जाकर इन दोनों बड़ी परियोजनाओं के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने स्थानीय निवासियों के साथ संवाद करते हुए इन प्रोजेक्ट्स के पर्यावरणीय प्रभावों पर गंभीर चिंता जताई है। आदित्य ठाकरे का मानना है कि घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र में इस तरह की परियोजनाओं का निर्माण किसी भी दृष्टि से सही नहीं है।

डेटा सेंटर को लेकर पर्यावरण और सुरक्षा की चिंता

आदित्य ठाकरे ने बालकुम में प्रस्तावित डेटा सेंटर परियोजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के बीचों-बीच 53 एकड़ की जमीन का उपयोग इस तरह के औद्योगिक कार्यों के लिए करना पूरी तरह से गलत है। उन्होंने इस परियोजना से होने वाले नुकसानों को विस्तार से गिनाया है:

  • डेटा सेंटर को ठंडा रखने के लिए भारी मात्रा में पानी की खपत होगी, जिससे संसाधनों पर दबाव बढ़ेगा।
  • बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगाए जाने वाले जनरेटरों को चलाने के लिए करीब 5 लाख लीटर डीजल का भंडारण करना पड़ेगा, जो सुरक्षा के लिहाज से बड़ा जोखिम है।
  • परियोजना के संचालन के दौरान होने वाला ध्वनि प्रदूषण 90 डेसीबल तक पहुंच सकता है, जो आसपास रहने वाले नागरिकों की सेहत के लिए हानिकारक है।

पेड़ों की कटाई और रिंग मेट्रो पर तीखा विरोध

डेटा सेंटर के अलावा आदित्य ठाकरे ने ठाणे में प्रस्तावित आंतरिक रिंग मेट्रो परियोजना का भी पुरजोर विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य के चलते पर्यावरण को बड़ा नुकसान होगा। ठाकरे के अनुसार, इस परियोजना को पूरा करने के लिए करीब 3,500 पेड़ों की कटाई की जाएगी, जिसे वे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने इसे शहर के 'फेफड़ों' पर प्रहार बताया है।

नागरिकों से एकजुट होने की अपील

आदित्य ठाकरे ने ठाणे के नागरिकों से इन दोनों परियोजनाओं के विरोध में एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर उन्हें पूरा राजनीतिक समर्थन प्राप्त होगा। उन्होंने साफ कहा कि विकास के नाम पर आम जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण के साथ समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उनकी इस मुखर बयानबाजी ने ठाणे के विकास कार्यों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

https://hindi.news18.com/news/maharashtra/mumbai-500000-litres-diesel-and-3500-trees-felled-aaditya-thackeray-blunt-remarks-on-thane-data-centre-and-ring-metro-projects-10820081.html