राजधानी दिल्ली में इस समय चलाए जा रहे विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी SIR कार्यक्रम के बीच एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब से BJP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम अब दिल्ली की मतदाता सूची में दर्ज कर लिया गया है। इस कदम के साथ ही उनका नाम पंजाब की वोटर लिस्ट से विलोपित कर दिया गया है। गौरतलब है कि राघव चड्ढा पंजाब से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर राज्यसभा के सदस्य बने थे। इससे पहले राघव चड्ढा का नाम पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गया था, जिस पर इस BJP सांसद ने अपनी आपत्ति जताई थी। अब दिल्ली की सूची में उनका नाम शामिल होने के बाद आम आदमी पार्टी ने इस पर सवाल उठाए हैं।
आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
चड्ढा का नाम दिल्ली की मतदाता सूची में शामिल होने के तुरंत बाद आम आदमी पार्टी ने इस पूरी प्रक्रिया पर कड़ा ऐतराज जताया है और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस मामले में आयोग पर सवाल दागे हैं। सौरभ भारद्वाज का दावा है कि 31 अगस्त को निर्वाचन आयोग द्वारा जो ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई थी, उसमें संबंधित मतदान केंद्र के भाग में कुल 746 मतदाता पंजीकृत थे। लेकिन इसके बाद अचानक राघव चड्ढा का नाम इस सूची में 747वें स्थान पर जोड़ दिया गया। भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली की राजिंदर नगर विधानसभा सीट की मतदाता सूची में क्रम संख्या 747 पर राघव चड्ढा का नाम दर्ज है, जिसमें उनके पिता का नाम सुनील चड्ढा और उनकी आयु 37 साल दर्शाई गई है।
किस नियम के तहत जोड़ा गया नया नाम?
सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा के पुराने बयान का हवाला देते हुए सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि 3 सितंबर को राघव चड्ढा ने खुद एक बयान जारी कर कहा था कि पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम हटने के बाद वह पंजाब में ही दोबारा अपना नाम पंजीकृत कराएंगे। ऐसे में आम आदमी पार्टी के नेता ने पूछा कि जब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में पहले से केवल 746 नाम ही तय थे, तो अचानक किस नियम या प्रक्रिया के तहत राघव चड्ढा का नाम 747वें नंबर पर जोड़ा गया। भारद्वाज ने चुनाव आयोग से मांग की है कि इस पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाए। उनका कहना है कि यदि आयोग इस प्रक्रिया का खुलासा करता है, तो इससे दिल्ली के उन 47 लाख लोगों को भी मदद मिल सकती है, जिनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं और वे अपना नाम वापस जुड़वाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
राघव चड्ढा का पलटवार: 'मुझ पर हो रहे हैं बेबुनियाद हमले'
आम आदमी पार्टी के इन गंभीर आरोपों पर राघव चड्ढा ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है और तीखा पलटवार किया है। उन्होंने आप के सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार और राजनीति से प्रेरित करार दिया। चड्ढा का कहना है कि उन्होंने मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए चुनाव आयोग के सभी तय दिशा-निर्देशों और कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह से पालन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से उन्होंने पार्टी छोड़ी है, तब से आम आदमी पार्टी और उसके नेता लगातार उन्हें निशाना बनाने की ताक में रहते हैं। राघव चड्ढा ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि वे अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के दिमाग में चौबीसों घंटे घूमते रहते हैं, जिसके कारण उन पर हर दिन नए और बेबुनियाद हमले किए जा रहे हैं।
'पहले तय किया आरोप, फिर ढूंढ रहे हैं तर्क'
वोटर रजिस्ट्रेशन को लेकर छिड़े इस विवाद पर चड्ढा ने आगे कहा कि इस मामले में पहले से ही एक मनगढ़ंत आरोप तय कर लिया गया था और अब उसे सच साबित करने के लिए तरह-तरह के खोखले तर्क खोजे जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले में सारे तथ्य पूरी तरह साफ हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास कानूनी उपचार के जितने भी विकल्प मौजूद थे, उन्होंने उन सभी का पूरी तरह से इस्तेमाल किया है और नियम संगत तरीके से ही यह बदलाव हुआ है। राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी मतदाता सूची और अपने खुद के सदस्यता रजिस्टर में अंतर करना भूल गई है। उन्होंने कहा कि आप दोनों चीजों को एक ही मानकर चल रही है और जो लोग अरविंद केजरीवाल की पार्टी को छोड़ देते हैं, उन्हें बेदखल करने के लिए पार्टी अजीब और मनमाने तरीके अपनाने लगती है।
विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया और आंकड़े
इस पूरे मामले पर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी यानी CEO के कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। अधिकारी के अनुसार, मंगलवार तक दिल्ली की कुल 70 विधानसभा क्षेत्रों से करीब 700 Form-6 आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी थी। ये फॉर्म उन लोगों के होते हैं जो मतदाता सूची में अपना नाम पहली बार दर्ज कराने या फिर से जोड़ने के लिए आवेदन करते हैं। इन्हीं स्वीकृत आवेदनों में राघव चड्ढा का आवेदन भी शामिल है, जिसके बाद उनका नाम दिल्ली की वोटर लिस्ट में दर्ज हुआ है।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों और समयसीमा के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया कुछ इस तरह संचालित हुई है:
- 16 जून को विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) की तैयारी के लिए मतदाता सूची को फ्रीज यानी स्थिर कर दिया गया था।
- यह प्रक्रिया लगातार चलती रही और 31 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन किया गया था।
- इस अवधि के दौरान नए मतदाताओं का नाम जोड़ने के लिए चुनाव विभाग को करीब 2.14 लाख Form-6 आवेदन प्राप्त हुए थे।
- इसके अतिरिक्त, मतदाता सूची से नाम कटवाने या किसी विवरण में सुधार कराने के लिए Form-7 और Form-8 भी बड़ी संख्या में जमा किए गए थे।
- Draft वोटर लिस्ट जारी होने के बाद आम लोगों को अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया। इस दावे-आपत्ति की अवधि में केवल 8 दिन के भीतर 25,011 नए Form-6 आवेदन जमा किए गए, जो 7 सितंबर तक प्राप्त हुए थे।
दिल्ली CEO कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि SIR के प्रारंभ होने से पहले और दावे-आपत्तियों के दौरान जितने भी Form-6 मिले हैं, उनकी गहनता से जांच की जा रही है। इसके साथ ही Form-7 और Form-8 के तहत आए आवेदनों को भी निपटाया जा रहा है। जिन आवेदनों को नियमों के अनुसार मंजूरी मिल रही है, उनके आधार पर मतदाता सूची के डेटाबेस को लगातार अपडेट किया जा रहा है। नए और संशोधित मतदाताओं की यह पूरक यानी सप्लीमेंट्री सूची आगामी 4 नवंबर को अंतिम रूप से प्रकाशित की जाएगी, जिसके साथ ही दिल्ली की नई और अंतिम मतदाता सूची सबके सामने होगी।
https://www.indiatv.in/india/politics/raghav-chadha-name-added-to-delhi-voter-list-during-sir-aap-questions-election-commission-process-2026-09-09-1242186