रीवा: कुत्ते के काटने पर अस्पताल ने लगा दिया सांप के जहर का इंजेक्शन, मरीज की बिगड़ी हालत

मध्य प्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल में एक बार फिर बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ कुत्ते के काटने पर इलाज कराने पहुंचे युवक को कथित तौर पर सांप के काटने वाला इंजेक्शन दे दिया गया।

रीवा के सरकारी अस्पताल में बड़ी लापरवाही

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय अपनी व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर विवादों के घेरे में है। अस्पताल प्रशासन पर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने के गंभीर आरोप लगे हैं। ताज़ा मामला एक युवक से जुड़ा है, जिसे कुत्ते के काटने के बाद एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल लाया गया था। पीड़ित युवक का आरोप है कि वहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा स्टाफ ने उसे कुत्ता काटने की दवा के बजाय सांप के काटने पर लगाया जाने वाला इंजेक्शन लगा दिया। इस लापरवाही के चलते युवक की तबीयत अचानक खराब हो गई और वह बेहोश हो गया।

युवक ने उठाए अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल

पीड़ित युवक के अनुसार, जैसे ही उसे गलत इंजेक्शन लगाया गया, उसे कमजोरी और घबराहट महसूस होने लगी और देखते ही देखते उसकी हालत बिगड़ गई। इस घटना के बाद पीड़ित और उसके साथ मौजूद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल में चल रही अव्यवस्थाओं पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। युवक ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया है। यह घटना अस्पताल में दवाओं के वितरण और मरीजों के इलाज के दौरान बरती जाने वाली सावधानी पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। हालांकि, अभी तक अस्पताल प्रशासन की ओर से इस पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है कि इंजेक्शन लगाने में वास्तव में क्या चूक हुई थी।

लगातार विवादों में है संजय गांधी अस्पताल

संजय गांधी चिकित्सालय पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में रहा है। इससे पहले एक जीवित व्यक्ति को मृत घोषित करने और जच्चा-बच्चा की दुखद मौत के मामलों ने पहले ही स्वास्थ्य विभाग की साख पर बट्टा लगा दिया है। अब इस ताजा मामले ने अस्पताल की छवि को और अधिक धूमिल किया है। अब जांच का विषय यह है कि अस्पताल के स्टोर में दवाओं का सत्यापन कैसे होता है और मरीजों को इंजेक्शन देने से पहले प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है।

मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक फेरबदल

जच्चा-बच्चा मौत मामले में प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए श्यामशाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल को उनके पद से हटा दिया है। उनके स्थान पर सतना मेडिकल कॉलेज के डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग को नया डीन नियुक्त किया गया है, जबकि डॉ. सुनील अग्रवाल को अब सतना मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया

डीन पर हुई कार्रवाई पर स्थानीय राजनीति भी गरमा गई है। सेमरिया के कांग्रेस विधायक ने अस्पताल की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। वहीं, ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने सवाल किया कि जिस अस्पताल में कुत्ते के काटने का इलाज करने की जगह सांप के काटने का इंजेक्शन लगाया जा रहा हो, वहां मरीजों को क्या ही बेहतर इलाज मिलेगा।

https://www.indiatv.in/madhya-pradesh/man-given-snake-bite-injection-after-being-bitten-by-a-dog-in-sanjay-gandhi-hospital-rewa-2026-09-06-1241690