दिल्ली के सत्य निकेतन में गिरी जर्जर इमारत, हादसे में 4 लोगों की मौत, सीएम रेखा गुप्ता ने दिए जांच के आदेश

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पुरानी इमारत गिरने से बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सीएम रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

सत्य निकेतन में इमारत ढहने से हड़कंप

राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक भीषण बिल्डिंग हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद घटना में अब तक कुल 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि इस लापरवाही के लिए जो भी जिम्मेदार है, चाहे वह इमारत का मालिक हो या फिर कोई सरकारी अधिकारी, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की ओर से जांच के कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

बेसमेंट की खुदाई बनी काल

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि यह इमारत काफी पुरानी थी और इसमें रेनोवेशन का काम करवाया जा रहा था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बिल्डिंग के बेसमेंट में खुदाई की जा रही थी। खुदाई के दौरान ही एक मुख्य पिलर अपनी जगह से खिसक गया, जिससे पूरी इमारत पलक झपकते ही धराशायी हो गई। पता चला है कि इस भवन का इस्तेमाल पीजी के रूप में किया जा रहा था और हादसे के समय वहां कई छात्र भी मौजूद थे। सीएम रेखा गुप्ता ने एम्स पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।

राहत और बचाव कार्य जारी

घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें मलबे को हटाने में जुटी हुई हैं। अब तक कुल 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। आशंका जताई जा रही है कि अभी भी कुछ और लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं, जिसके चलते बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अधिकारियों का मुख्य लक्ष्य मलबे में फंसे हर एक व्यक्ति को जीवित बाहर निकालना है।

मृतकों और घायलों की स्थिति

इस हादसे में जान गंवाने वालों में एक छात्र युवराज, एक मजदूर और दो अन्य अज्ञात लोग शामिल हैं। युवराज और अज्ञात मजदूर को एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घायलों की बात करें तो छात्र अभिषेक, नीरज और आदित्य एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। एक अज्ञात छात्र का इलाज आर आर अस्पताल में चल रहा है। इसके अलावा मजदूर असगर अली का एम्स ट्रॉमा सेंटर में और अयान का सफदरजंग अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है और उन पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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