पश्चिम बंगाल में डेंगू का कहर: स्वास्थ्य मंत्री ने छात्रों के लिए जारी की ड्रेस कोड संबंधी सलाह

पश्चिम बंगाल में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों से शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनने की अपील की है। उन्होंने स्कूलों से भी छात्रों के लिए फुल ड्रेस सुनिश्चित करने को कहा है।

डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य मंत्री की विशेष अपील

पश्चिम बंगाल में डेंगू के बढ़ते संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर शरदवत मुखर्जी ने जनता और अभिभावकों से एहतियाती कदम उठाने का आग्रह किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्य रूप से स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका स्पष्ट मानना है कि मच्छरों के काटने से होने वाली इस बीमारी को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका शरीर को ढका हुआ रखना है।

स्कूलों के लिए नया निर्देश

डॉक्टर शरदवत मुखर्जी ने प्रदेश के सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि अगले तीन महीनों यानी सितंबर, अक्टूबर और नवंबर के दौरान स्कूलों को बच्चों के पहनावे पर विशेष ध्यान देना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, छात्रों को पूरी बाजू की शर्ट और पैंट पहनकर स्कूल आना चाहिए, जबकि छात्राओं को सलवार-सूट पहनने की सलाह दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लड़कियां स्कर्ट पहनने के बजाय सलवार पहनें ताकि उनके पैर पूरी तरह ढके रहें। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि घुटनों तक पहने जाने वाले मोजे पर्याप्त नहीं हैं क्योंकि वे पतले होते हैं और त्वचा से चिपक जाते हैं, जिससे मच्छर आसानी से काट सकते हैं।

राज्य में डेंगू की वर्तमान स्थिति

पश्चिम बंगाल में मॉनसून का सीजन हमेशा से ही स्वास्थ्य के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक राज्य में डेंगू के 4 हजार से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। संक्रमण का यह प्रकोप मुख्य रूप से कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, मुर्शिदाबाद, और दक्षिण 24 परगना जैसे जिलों में अधिक दिखाई दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक डेंगू की वजह से 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।

डेंगू के प्रमुख लक्षण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू होने पर शरीर में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • 2 से 7 दिनों तक 101-105°F का तेज बुखार बना रहना।
  • जी मिचलाना और लगातार उल्टी की समस्या।
  • सिर में तेज दर्द और आंखों के पिछले हिस्से में दबाव या दर्द।
  • शरीर की त्वचा पर लाल चकत्ते का उभरना।
  • मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द महसूस होना।
  • रक्त में प्लेटलेट काउंट का तेजी से गिरना।
  • नाक या मसूड़ों से रक्तस्राव की समस्या।
  • सांस लेने में कठिनाई और अत्यधिक बेचैनी महसूस करना।
  • 24 घंटे के भीतर कम से कम 3 बार उल्टी होना।

बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए घरों और आसपास सफाई रखना अनिवार्य है:

  • अपने शरीर को हमेशा ढका हुआ रखें और ऐसे कपड़े पहनें जिनसे शरीर का अधिकतम हिस्सा ढका रहे।
  • घर के अंदर या आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर, टंकी या बाल्टी जैसी जगहों की साप्ताहिक सफाई करें।
  • दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना सुनिश्चित करें।
  • मच्छरों को घर में प्रवेश करने से रोकने के लिए खिड़कियों और दरवाजों पर जालियां लगवाएं।

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