अशोकनगर: बालाजी मंदिर में तोड़फोड़ के बाद बवाल, भीड़ ने आरोपी का घर फूंका और प्रशासन ने चलाया बुलडोजर

मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में एक युवक द्वारा मंदिर में प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने और भक्तों से मारपीट के बाद भारी तनाव फैल गया। आक्रोशित भीड़ ने आरोपी के घर का सामान जला दिया और प्रशासन ने उसके अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

मंदिर में हुई तोड़फोड़ से मचा हड़कंप

मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के पिपरई कस्बे में शनिवार की शाम उस समय माहौल गरमा गया जब रामलीला मैदान स्थित बालाजी मंदिर में एक युवक ने जमकर हंगामा किया। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, लिधौरा निवासी नीलेश लोधी अचानक मंदिर में दाखिल हुआ और वहां स्थापित प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। उस समय मंदिर परिसर में श्रद्धालु धार्मिक पाठ में व्यस्त थे। जब स्थानीय लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने उपस्थित भक्तों के साथ मारपीट भी की। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।

श्रद्धालुओं पर हमला और गिरफ्तारी

इस अप्रत्याशित हमले में मंदिर में मौजूद नीतेश जैन के सिर में गंभीर चोट आई, वहीं शिकायतकर्ता बादल सिंह यादव के बाएं हाथ में भी चोटें पहुंची हैं। मंदिर में मौजूद लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए उपद्रवी को मौके पर ही दबोच लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पिपरई पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी नीलेश लोधी को हिरासत में लेकर थाने ले गई।

प्रशासन का सख्त एक्शन: चला बुलडोजर

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तत्काल सख्त तेवर दिखाए। राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल की सुरक्षा के बीच मौके का मुआयना किया। जांच में सामने आया कि आरोपी का मकान सरकारी जमीन पर बना हुआ था, जिसके चलते प्रशासन ने उस अवैध हिस्से को चिन्हित किया और उस पर बुलडोजर चला दिया। मकान के करीब आधा हिस्सा जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने करीब तीन से चार घंटे तक सड़क पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

आक्रोशित भीड़ का प्रदर्शन और आगजनी

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि खंडित प्रतिमा को हटाकर वहां बालाजी की नई मूर्ति स्थापित की जाए और आरोपी के परिवार के खिलाफ भी मामला दर्ज हो। विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब और उग्र हो गई जब कुछ लोगों ने आरोपी के घर के भीतर घुसकर सारा सामान बाहर निकाल दिया और उसमें आग लगा दी। गुस्साई भीड़ ने प्रशासन से आरोपी के घर के आसपास के अन्य अवैध निर्माणों को भी ध्वस्त करने की मांग की। देर रात तक क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा और चक्का जाम जारी रहा।

कानूनी कार्रवाई और जांच जारी

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। राजस्व रिकॉर्ड की जांच और मौके के परीक्षण के बाद ही मकान ढहाने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे के वास्तविक कारणों और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता का पता लगाया जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि तथ्यों के सत्यापन के बाद ही कोई अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

पुलिस की शांति बनाए रखने की अपील

इस पूरे मामले पर पुलिस ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और कानून को अपने हाथ में न लेने का आग्रह किया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या उत्तेजनात्मक सामग्री साझा न करने की चेतावनी भी दी है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट खबर पर भरोसा न करें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। इससे पहले भी इंदौर में जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर के बाहर लगे डिस्प्ले बोर्ड पर उर्दू भाषा के उपयोग को लेकर हिंदू संगठनों ने भारी विरोध दर्ज कराया था।

https://www.indiatv.in/madhya-pradesh/ashoknagar-balaji-temple-idol-damaged-accused-house-part-demolished-2026-09-05-1241531