सूर्य का राशि परिवर्तन और महत्व
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को सभी ग्रहों का राजा माना गया है। खगोलीय गणना के अनुसार 17 सितंबर को सुबह 7 बजकर 12 मिनट पर सूर्य अपनी वर्तमान सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में गोचर करेंगे। सूर्य का यह परिवर्तन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे कन्या राशि में पूरे एक महीने तक विराजमान रहेंगे।
कन्या संक्रांति का प्रभाव
अयोध्या के प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार कन्या राशि के स्वामी बुध देव हैं। जब सूर्य बुध की राशि में प्रवेश करते हैं, तो इस घटना को कन्या संक्रांति कहा जाता है। इस गोचर का प्रभाव करियर, आर्थिक स्थिति और मान सम्मान पर सीधे तौर पर दिखाई देगा।
किन राशियों के लिए रहेगा खास?
सूर्य का यह राशि परिवर्तन कुछ विशेष राशियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है:
- सिंह राशि: इस राशि के जो जातक लंबे समय से नई नौकरी की तलाश में जुटे थे, उन्हें इंटरव्यू में शानदार सफलता मिल सकती है।
- कन्या राशि: कार्यस्थल पर इस राशि के लोगों की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी और साथ ही उनके प्रभाव में भी वृद्धि देखने को मिलेगी।
- वृश्चिक राशि: इस गोचर से वृश्चिक राशि के जातकों के लिए जीवन का एक बेहतरीन और सुखद दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है।
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