बडगाम में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खात्मे के लिए चलाए जा रहे अभियानों के बीच सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बडगाम जिले के युसमर्ग इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई एक भीषण मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का खूंखार पाकिस्तानी कमांडर यासिर मारा गया है। इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों द्वारा ऑपरेशन अशदर नाम दिया गया था। पुलिस के अनुसार, यह आतंकी लंबे समय से घाटी में सक्रिय था और सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बना हुआ था।
कौन था आतंकी यासिर और क्या था उसका इतिहास
मारे गए आतंकी यासिर के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक, वह मूल रूप से पाकिस्तान का नागरिक था। वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से गहराई से जुड़ा हुआ था। यासिर के आतंकी करियर की बात करें तो शुरुआत में वह लश्कर के ही सुलेमान मूसा ग्रुप का सक्रिय सदस्य हुआ करता था। हालांकि, लगभग एक साल पहले उसने इस समूह से किनारा कर लिया था। सुलेमान मूसा ग्रुप से अलग होने के बाद यासिर ने अपनी एक अलग कार्यप्रणाली तैयार की और वह युसमर्ग के पहाड़ी इलाकों में लश्कर के प्रमुख कमांडर के तौर पर काम करने लगा। वह अपनी पहचान छिपाकर लगातार अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां उसकी हर चाल पर बारीक नजर रखे हुए थीं।
ऑपरेशन अशदर की पूरी कहानी
सुरक्षाबलों को काफी समय से युसमर्ग क्षेत्र में यासिर की मौजूदगी और उसकी गतिविधियों के बारे में ठोस खुफिया इनपुट मिल रहे थे। सुरक्षा एजेंसियां उसके ठिकाने, उसके साथियों और उसके संपर्क के साधनों की लगातार निगरानी कर रही थीं। इसी खुफिया जानकारी के आधार पर शनिवार को एक विशेष अभियान शुरू किया गया, जिसे ऑपरेशन अशदर का नाम दिया गया। जब सुरक्षाबलों ने उसे घेरने की कोशिश की, तो यासिर और जवानों का आमना-सामना हो गया। इसके बाद दोनों तरफ से जोरदार गोलीबारी शुरू हुई, जिसमें सुरक्षाबलों ने पूरी सतर्कता बरतते हुए पाकिस्तानी कमांडर यासिर को ढेर कर दिया।
संदेश साफ, बच नहीं पाएंगे आतंकी
इस ऑपरेशन की सफलता के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक आधिकारिक पोस्ट साझा करते हुए इस बात की पुष्टि की कि मारा गया आतंकी पाकिस्तान का नागरिक है और लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य है। पुलिस ने साफ शब्दों में कहा कि आतंकी चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, वे सुरक्षाबलों की नजरों से बच नहीं सकते। यह ऑपरेशन इस बात का प्रमाण है कि सुरक्षाबल घाटी में आतंकियों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
अब यासिर के पूरे नेटवर्क पर एजेंसियों की नजर
कमांडर यासिर के खात्मे के बाद अब जांच एजेंसियों और सुरक्षा बलों का पूरा ध्यान उसके पूरे नेटवर्क को खंगालने पर है। अधिकारी इस बात की गहन पड़ताल कर रहे हैं कि यासिर के साथ और कौन-कौन से स्थानीय आतंकी जुड़े थे। साथ ही, उन लोगों की भी तलाश की जा रही है जिन्होंने उसे घाटी में छिपने, हथियार जुटाने या रसद पहुंचाने में मदद की थी। एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि हाल के दिनों में घाटी में हुए किसी भी आतंकी हमले में उसकी क्या भूमिका थी। युसमर्ग में हुई यह मुठभेड़ सुरक्षाबलों की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत आतंकियों को उनके सुरक्षित ठिकानों से बाहर निकालकर खत्म किया जा रहा है। अब सुरक्षाबलों का अगला लक्ष्य यासिर के उन संभावित सहयोगियों तक पहुंचना है जो अभी भी किसी बड़े हमले की साजिश रच रहे हो सकते हैं।
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