उत्तराखंड में कुदरत का कहर: भारी बारिश से देहरादून-उत्तरकाशी समेत कई जिलों में अलर्ट, सड़कें बंद और स्कूलों में छुट्टी

उत्तराखंड में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है, जिसके चलते मौसम विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी और नैनीताल सहित कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भूस्खलन के कारण कई रास्ते बंद हैं और सुरक्षा को देखते हुए नैनीताल में स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया गया है।

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

देवभूमि उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर अत्यंत आक्रामक रूप अख्तियार कर चुका है। राज्य के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने 5 सितंबर के लिए राज्य के कई प्रमुख जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। इस अलर्ट में विशेष रूप से देहरादून, उत्तरकाशी, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और उधम सिंह नगर को शामिल किया गया है। विभाग ने राज्य के सभी 13 जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और बादलों की भीषण गर्जना के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। पिछले तीन दिनों से लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

नैनीताल में सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में अवकाश

लगातार हो रही वर्षा और भूस्खलन की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा कदम उठाया है। 5 सितंबर के दिन जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने का आदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके अलावा, नैनीताल के संवेदनशील पहाड़ी ढलानों पर पत्थरों के गिरने के खतरे को भांपते हुए पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल यानी एसडीआरएफ की टीमों को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

चमोली और पिथौरागढ़ में यातायात व्यवस्था ठप

पर्वतीय जिलों में स्थिति सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। चमोली जिले में पिछले 72 घंटों से जारी बारिश ने सड़कों का हाल बेहाल कर दिया है। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदप्रयाग के निकट लगातार पहाड़ी से भारी बोल्डर और मलबा गिर रहा है। हालांकि, नेशनल हाईवे अथॉरिटी और लोक निर्माण विभाग की टीमें जेसीबी मशीनों के जरिए मलबा हटाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन गिरते पत्थरों के कारण बचाव कार्यों में भारी बाधा आ रही है। इसके साथ ही गोपेश्वर-चोपता मोटर मार्ग भी बैरागना के समीप सड़क धंसने की वजह से पूरी तरह बंद है। गोपेश्वर में लीसा फैक्ट्री बाईपास सड़क पर भी आवाजाही ठप हो गई है, जिससे स्थानीय निवासियों को लंबी दूरी तय करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। दूसरी ओर, कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़ जिले में भी मानसूनी बारिश ने कहर बरपाया है। जिले की 16 महत्वपूर्ण सड़कें मलबे में दब गई हैं, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट चुका है। इन गांवों में रहने वाले बीमार लोगों, बुजुर्गों और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले ग्रामीणों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। मशीन ऑपरेटर अपनी जान जोखिम में डालकर सड़कों को बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं।

ऋषिकेश और मैदानी इलाकों का हाल

ऋषिकेश में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिन के दौरान रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा और रात के समय गरज-चमक के साथ बारिश की तीव्रता में वृद्धि हो सकती है। आज यहाँ का अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री रहने की संभावना है। वहीं, उधम सिंह नगर के रुद्रपुर और काशीपुर जैसे मैदानी इलाकों में तेज बारिश के कारण निचले हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने का खतरा बना हुआ है।

राजधानी और अन्य जिलों में प्रशासन मुस्तैद

देहरादून और हरिद्वार में भी 5 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। दून घाटी और मसूरी के आसपास के इलाकों में बादलों के तीव्र स्पेल आने के आसार हैं। हरिद्वार में गंगा नदी के जलस्तर की निरंतर निगरानी की जा रही है क्योंकि ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश का सीधा असर मैदानी नदियों के प्रवाह पर पड़ता है। वहीं, पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर और चंपावत में भी यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बागेश्वर की सरयू और गोमती घाटी में जलस्तर बढ़ने की आशंका है, जबकि चंपावत में टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई डेंजर जोन सक्रिय हो गए हैं।

10 सितंबर तक जारी रहेगा बारिश का सिलसिला

मौसम विभाग के विस्तारित पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंडवासियों को अभी बारिश की इस आफत से जल्द राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। आगामी 6 सितंबर को बागेश्वर, नैनीताल, पौड़ी, चमोली, देहरादून और हरिद्वार में कहीं-कहीं भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। उसके बाद 7 सितंबर को नैनीताल, बागेश्वर, उधम सिंह नगर, पौड़ी, चमोली और पिथौरागढ़ में तेज बारिश का अलर्ट है। मानसून का यह दौर 8, 9 और 10 सितंबर तक जारी रहने की पूरी संभावना है, जिसमें पर्वतीय और मैदानी जनपदों के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गर्जन के साथ बौछारें पड़ती रहेंगी। प्रशासन ने सभी यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

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