6 साल से घर की छत पर फल-फूल रहा किचन गार्डन, सब्जियों के छिलके और चावल की भूसी से तैयार होती है जादुई खाद

मेदिनीनगर की अनु दुबे ने घर के किचन वेस्ट से खाद बनाने की एक अनोखी तकनीक विकसित की है। पिछले 6 वर्षों से वे अपनी छत पर ही इसी जैविक खाद के दम पर ताजी सब्जियां उगा रही हैं।

घर के कचरे से तैयार हो रही खाद

अक्सर घरों में सब्जियां काटने के बाद निकलने वाले छिलके और कचरे को हम बेकार समझकर कूड़ेदान में फेंक देते हैं, लेकिन पलामू जिले के मेदिनीनगर की रहने वाली अनु दुबे ने इसे एक नई पहचान दी है। वे इन घरेलू अवशेषों का उपयोग करके बेहतरीन जैविक खाद तैयार कर रही हैं। अनु की यह पहल न केवल कचरे का सही निपटान सुनिश्चित करती है, बल्कि यह रसायनों से मुक्त सब्जियां उगाने का एक शानदार जरिया भी है। वे पिछले 6 साल से अपने घर की छत पर इसी तकनीक से खेती कर रही हैं।

कैसे तैयार करती हैं जैविक खाद

अनु दुबे खाद तैयार करने के लिए बेहद सरल और आसानी से उपलब्ध चीजों का उपयोग करती हैं। इसमें मुख्य रूप से रसोई से निकलने वाले सब्जियों के छिलके व अवशेष, चावल की भूसी, थोड़ी मिट्टी और बालू का मिश्रण शामिल होता है। इन सामग्रियों को एक साथ मिलाकर करीब एक महीने तक सुरक्षित रखा जाता है। इस दौरान वे मिश्रण की नमी का पूरा ध्यान रखती हैं और समय-समय पर इसे पलटती रहती हैं। इस प्रक्रिया से जैविक पदार्थ धीरे-धीरे सड़कर भुरभुरी और उपजाऊ खाद में तब्दील हो जाते हैं।

छत पर ही सजाया हरा-भरा संसार

अनु दुबे ने सीमित जगह की कमी को अपने जुनून के आड़े नहीं आने दिया। उन्होंने अपनी घर की छत को ही एक समृद्ध किचन गार्डन में बदल डाला है। यहां वे न केवल विभिन्न प्रकार की हरी सब्जियां उगाती हैं, बल्कि पौधों की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए खाद भी खुद ही बनाती हैं। उनका मानना है कि अगर हम अपनी रसोई से निकलने वाले जैविक कचरे को सही तरीके से व्यवस्थित करें, तो बाजार से महंगे उर्वरक या खाद खरीदने की जरूरत काफी हद तक कम हो सकती है।

सावधानी बरतना बेहद जरूरी

अनु ने इस बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि खाद बनाते समय कुछ खास सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि खाद की गुणवत्ता बनी रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस खाद के निर्माण में कभी भी प्लास्टिक, कांच, धातु, रसायनिक पदार्थ या फिर तेल और मसालों से युक्त जूठन को नहीं मिलाना चाहिए। यदि आप इन चीजों को खाद के मिश्रण से दूर रखते हैं, तो आपकी खाद शुद्ध और पौधों के लिए अत्यधिक गुणकारी बनती है। उनके द्वारा तैयार की गई यह खाद पौधों की क्यारियों और गमलों की मिट्टी में मिलाने के लिए बिल्कुल तैयार होती है, जिससे न केवल पौधों की ग्रोथ अच्छी होती है बल्कि घर के जैविक कचरे का भी सार्थक इस्तेमाल हो जाता है। यह विधि उन सभी के लिए प्रेरणा है जो घर की छत पर बागवानी करना चाहते हैं लेकिन रसायनों से बचना चाहते हैं।

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