बलूच लिबरेशन आर्मी का दावा, 10 दिनों में 49 पाकिस्तानी सैनिकों को किया ढेर

बलूच लिबरेशन आर्मी ने पिछले 10 दिनों में 45 अलग-अलग हमलों को अंजाम देने और करीब 49 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराने का दावा किया है। संगठन ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में आईईडी धमाकों और चेकपोस्ट पर कब्जे जैसी घटनाओं का विस्तृत ब्योरा दिया है।

बलूचिस्तान में हिंसा का दौर और बीएलए का दावा

बलूचिस्तान क्षेत्र में सक्रिय सशस्त्र संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी यानी बीएलए ने एक चौंकाने वाला दावा पेश किया है। संगठन के प्रेस विंग हक्कल द्वारा 1 सितंबर को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 दिनों की अवधि के दौरान उनके लड़ाकों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ कुल 45 सैन्य अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इस दौरान औसतन हर दिन 5 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की बात कही गई है। रिपोर्ट में कुल 49 सैनिकों के हताहत होने और बड़ी संख्या में अन्य सुरक्षाकर्मियों के घायल होने का दावा किया गया है। बीएलए ने यह भी कहा है कि इन अभियानों के दौरान उन्होंने कई सैन्य चेकपोस्टों पर नियंत्रण हासिल कर लिया और वहां मौजूद भारी हथियारों व सैन्य साजो-सामान को भी जब्त किया है।

क्वेटा में पुलिस और सेना के ठिकानों पर हमला

बीएलए की रिपोर्ट के अनुसार, 19 अगस्त को बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में उनके लड़ाकों ने समन्वित हमले किए। इस दौरान काची बैग पुलिस स्टेशन के साथ-साथ मुनीर अहमद रोड पर स्थित पाकिस्तानी सेना के एक कैंप को निशाना बनाया गया। इन हमलों में हथगोलों का उपयोग किया गया, जिससे सुरक्षा बलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। संगठन का दावा है कि ये हमले सीधे तौर पर सैन्य प्रतिष्ठानों को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा थे।

आईईडी धमाकों और मुठभेड़ों का विवरण

संगठन ने स्पष्ट किया कि उनके अभियानों में आईईडी यानी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस के धमाके, घात लगाकर किए गए हमले और सीधे तौर पर हथियारबंद मुठभेड़ शामिल हैं। बीएलए द्वारा साझा की गई जानकारी के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

  • 22 अगस्त को जेहरी के बुलबुल इलाके के छोटो में एक आईईडी विस्फोट किया गया, जिसमें पाकिस्तानी सेना के दो जवान मारे गए और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
  • इसी दिन नुश्की के चरहाई क्षेत्र में एक व्यावसायिक वाहन को निशाना बनाया गया, जिसके बाद सेना के साथ भीषण मुठभेड़ हुई।
  • कलात के मरजान इलाके में घात लगाकर किए गए हमले में चार पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है।
  • मस्तुंग के खड़कोचा में संगठन की स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशंस स्क्वाड यानी एसटीओएस ने एक आईईडी हमले में सेना के एक बख्तरबंद वाहन को पूरी तरह तबाह कर दिया। इसके बाद एक अन्य वाहन को भी भारी हथियारों से क्षतिग्रस्त किया गया। इस विशेष हमले में 13 सैनिकों की मौत और 10 से अधिक के घायल होने की जानकारी दी गई है।

इस मस्तुंग हमले के दौरान बीएलए ने अपने एक लड़ाके अली हैदर उर्फ कमाल के भी शहीद होने की पुष्टि की है।

खारान, वाशुक और चागाई में भीषण संघर्ष

बीएलए की प्रेस विज्ञप्ति में खारान और वाशुक क्षेत्रों में हुई घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। खारान के अल्बाट में स्थित मुख्य सैन्य कैंप पर रॉकेट और अन्य भारी हथियारों से हमला किया गया। इसके अलावा, नियामदारगी क्षेत्र में लड़ाकों ने कई घंटों तक प्रमुख राजमार्ग पर कब्जा जमाए रखा और यातायात को नियंत्रित किया। वाशुक के अरमगई इलाके में हुई सशस्त्र मुठभेड़ में तीन सैनिकों की मौत हुई और कई घायल हुए, साथ ही एक सैन्य वाहन को भी काफी नुकसान पहुंचा।

चागाई के दल्बंदीन स्थित चारसर में भी सेना के काफिले और व्यावसायिक वाहनों को निशाना बनाया गया। बीएलए के अनुसार, इस हमले में पांच पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। संगठन ने जोर देकर कहा है कि वे प्रमुख राजमार्गों पर अपनी पकड़ बनाए हुए हैं और पाकिस्तानी सेना की आवाजाही को लगातार बाधित कर रहे हैं।

तुरबत में काफिले पर हमला

बीएलए ने अपनी रिपोर्ट के अंत में 23 अगस्त को तुरबत के हैराबाद इलाके में हुई कार्रवाई का जिक्र किया है। वहां सेना के काफिले की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को पहले निशाना बनाया गया और उसके बाद मुख्य सैन्य काफिले पर हमला किया गया। इस कार्रवाई में तीन सैनिकों की मौत होने और तीन के घायल होने का दावा किया गया है। संगठन ने इन सभी गतिविधियों को बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक सैन्य अभियानों का हिस्सा बताया है और भविष्य में भी इस तरह के हमलों को जारी रखने का संकेत दिया है।

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